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शनिदेव स्तुति - Shani Stuti PDF

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शनिदेव स्तुति भगवान शनि की महिमा का गुणगान करती है जो कर्म और न्याय के देवता हैं। शनिदेव को उनके अनुशासन, न्यायप्रियता और वक्र दृष्टि के लिए जाना जाता है। शनिदेव की कृपा से व्यक्ति को विपरीत परिस्थितियों में साहस और धैर्य प्राप्त होता है। शनि भगवान की आराधना से मनुष्य को अपने पापों का प्रायश्चित करने का अवसर मिलता है और वह जीवन में सकारात्मक बदलाव का अनुभव करते है।

बहुत से व्यक्ति शनि दोष से घबराता है और इसके निवारण के अलग उपाय ढूंढ़ते है। लेकिन आप शनि दोष को नियमित रूप से मंत्रो के जाप करने से दूर कर सकते हो। तो आइये इस लेख में शनिदेव स्तुति तथा स्तुति के महत्त्व के बारे में जानते है।

शनिदेव स्तुति (Shani Stuti)

नम: कृष्णाय नीलाय शितिकंठनिभाय च।
नम: कालाग्रिरूपाय कृतान्ताय च वै नम:॥१॥

नमो निर्मासदेहाय दीर्घश्मश्रुजटाय च।
नमो: विशालनेत्राय शुष्कोदर भयाकृते॥२॥

नम: पुष्कलगात्राय स्थूलरोम्णे च वै पुन:।
नमो दीर्घाय शुष्काय कालदष्ट्रं नमोस्तुते॥३॥

नमस्ते कोटरक्षाय दुर्निरीक्ष्याय वै नम:।
नमो घोराय रौद्राय भीषणाय करालिने॥४॥

नमस्ते सर्वभक्षाय बलीमुख नमोस्तुते।
सूर्यपुत्र नमस्तेस्तु भास्करेअभयदाय च॥५॥

अधोदृष्टे नमस्तेस्तु संवर्तक नमोस्तुते।
नमो मंदगते तुभ्यं निस्त्रिंशाय नमोस्तुते॥६॥

ज्ञान चक्षुर्नमस्तेस्तु कश्पात्मजसूनवे।
तुष्टो ददासि वै राज्यं रूष्टो हरिस तत्क्षणात्‌॥७॥

यह भी देखे -

शनिदेव की पूजा करने का तरीका

अगर आप शनिदेव की पूजा अर्चना करना चाहते हे तो आप शनिवार के दिन कर सकते है क्यों की शनिवार को शनिदेव की पूजा का विशेष महत्व है। शनि भगवान को तिल या सरसो का तेल चढ़ाना बहुत शुभ माना जाता है आपको हर शनिवार को तेल अवश्य चढ़ाना चाहिए।

आप शनिदेव को नीले फूल अर्पित कर सकते हो। उनकी मूर्ति या चित्र के सामने दीपक जला सकते हो। इसके साथ ही आपको काले रंग के वस्त्र पहनकर शनिदेव की पूजा करनी चाहिए।

शनिदेव स्तुति के महत्व

शनिदेव की स्तुति शनि ग्रह के प्रभाव को शांत करने और उनकी कृपा प्राप्त करने के उद्देश्य से की जाती है। इसके साथ ही शनिदेव स्तुति करने से भक्त का मन शांत होता है और आत्मविश्वास बढ़ता है। शनिदेव की कृपा से भक्त जीवन में सफलता प्राप्त करता है।

अगर आप शनि देव की स्तुति कर रहे है तो आपको कुछ चीजों का ध्यान रखना आवश्यक है जैसे की स्तुति करते समय आपके मन में किसी प्रकार का द्वेष या ईर्ष्या न हो। और शनिदेव की पूजा करते समय सच्चे मन से प्रार्थना करें।

Shani Stuti PDF

यहाँ पर आपके लिए हम शनिदेव स्तुति की PDF ले कर आये है। आप इस PDF को सेव या डाउनलोड कर सकते है और प्रतिदिन शनि देव स्तुति का पाठ करके अपने जीवन के कष्टों को मिटा सकते है।

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शनिदेव स्तुति - Shani Stuti PDF

Ram Shalaka

Spiritual Knowledge & Publications

Category: Stuti
Date: 11 Nov 2024

शनिदेव स्तुति - Shani Stuti PDF

शनिदेव स्तुति भगवान शनि की महिमा का गुणगान करती है जो कर्म और न्याय के देवता हैं। शनिदेव को उनके अनुशासन, न्यायप्रियता और वक्र दृष्टि के लिए जाना जाता है। शनिदेव की कृपा से व्यक्ति को विपरीत परिस्थितियों में साहस और धैर्य प्राप्त होता है। शनि भगवान की आराधना से मनुष्य को अपने पापों का प्रायश्चित करने का अवसर मिलता है और वह जीवन में सकारात्मक बदलाव का अनुभव करते है।

बहुत से व्यक्ति शनि दोष से घबराता है और इसके निवारण के अलग उपाय ढूंढ़ते है। लेकिन आप शनि दोष को नियमित रूप से मंत्रो के जाप करने से दूर कर सकते हो। तो आइये इस लेख में शनिदेव स्तुति तथा स्तुति के महत्त्व के बारे में जानते है।

शनिदेव स्तुति (Shani Stuti)

नम: कृष्णाय नीलाय शितिकंठनिभाय च।
नम: कालाग्रिरूपाय कृतान्ताय च वै नम:॥१॥

नमो निर्मासदेहाय दीर्घश्मश्रुजटाय च।
नमो: विशालनेत्राय शुष्कोदर भयाकृते॥२॥

नम: पुष्कलगात्राय स्थूलरोम्णे च वै पुन:।
नमो दीर्घाय शुष्काय कालदष्ट्रं नमोस्तुते॥३॥

नमस्ते कोटरक्षाय दुर्निरीक्ष्याय वै नम:।
नमो घोराय रौद्राय भीषणाय करालिने॥४॥

नमस्ते सर्वभक्षाय बलीमुख नमोस्तुते।
सूर्यपुत्र नमस्तेस्तु भास्करेअभयदाय च॥५॥

अधोदृष्टे नमस्तेस्तु संवर्तक नमोस्तुते।
नमो मंदगते तुभ्यं निस्त्रिंशाय नमोस्तुते॥६॥

ज्ञान चक्षुर्नमस्तेस्तु कश्पात्मजसूनवे।
तुष्टो ददासि वै राज्यं रूष्टो हरिस तत्क्षणात्‌॥७॥

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शनिदेव की पूजा करने का तरीका

अगर आप शनिदेव की पूजा अर्चना करना चाहते हे तो आप शनिवार के दिन कर सकते है क्यों की शनिवार को शनिदेव की पूजा का विशेष महत्व है। शनि भगवान को तिल या सरसो का तेल चढ़ाना बहुत शुभ माना जाता है आपको हर शनिवार को तेल अवश्य चढ़ाना चाहिए।

आप शनिदेव को नीले फूल अर्पित कर सकते हो। उनकी मूर्ति या चित्र के सामने दीपक जला सकते हो। इसके साथ ही आपको काले रंग के वस्त्र पहनकर शनिदेव की पूजा करनी चाहिए।

शनिदेव स्तुति के महत्व

शनिदेव की स्तुति शनि ग्रह के प्रभाव को शांत करने और उनकी कृपा प्राप्त करने के उद्देश्य से की जाती है। इसके साथ ही शनिदेव स्तुति करने से भक्त का मन शांत होता है और आत्मविश्वास बढ़ता है। शनिदेव की कृपा से भक्त जीवन में सफलता प्राप्त करता है।

अगर आप शनि देव की स्तुति कर रहे है तो आपको कुछ चीजों का ध्यान रखना आवश्यक है जैसे की स्तुति करते समय आपके मन में किसी प्रकार का द्वेष या ईर्ष्या न हो। और शनिदेव की पूजा करते समय सच्चे मन से प्रार्थना करें।

Shani Stuti PDF

यहाँ पर आपके लिए हम शनिदेव स्तुति की PDF ले कर आये है। आप इस PDF को सेव या डाउनलोड कर सकते है और प्रतिदिन शनि देव स्तुति का पाठ करके अपने जीवन के कष्टों को मिटा सकते है।

Website: ramshalaka.in Spiritual PDF Document

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