ॐ जय बृहस्पति देवा आरती लिरिक्स : Om Jai Brihaspati Deva Aarti Lyrics
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ॐ जय बृहस्पति देवा आरती लिरिक्स : Om Jai Brihaspati Deva Aarti Lyrics

Aarti · · 1 Views

ॐ जय बृहस्पति देवा आरती जब भी गुरुवार की सुबह घर में गूंजती है ना, तो पूरे माहौल में एक अलग ही पॉजिटिविटी और ठहराव महसूस होने लगता है। लाइफ में जब करियर, पढ़ाई या फ्यूचर को लेकर चीजें थोड़ी अटकी हुई लगें, तब बृहस्पति देव (गुरु भगवान) की शरण में जाकर यह आरती गाना मन को एक नई उम्मीद और क्लैरिटी दे देता है। कहते हैं गुरु की कृपा के बिना ज्ञान और समझ अधूरी है, और यह आरती वही जरिया है जो हमें सही दिशा में आगे बढ़ने की बुद्धि देती है। आइए, पीले फूलों और दीपक की लौ के साथ आज बृहस्पति देव की इस पावन आरती के भाव में खुद को जोड़ते हैं।

ॐ जय बृहस्पति देवा आरती

ॐ जय बृहस्पति देवा, स्वामी जय बृहस्पति देवा।
छिन-छिन भोग लगाऊँ, कदली फल मेवा॥
ॐ जय बृहस्पति देवा॥

तुम पूर्ण परमात्मा, तुम अंतर्यामी।
जगतपिता जगदीश्वर, तुम सबके स्वामी॥
ॐ जय बृहस्पति देवा॥

चरणामृत निज निर्मल, सब पातक हर्ता।
सकल मनोरथ दायक, कृपा करो भर्ता॥
ॐ जय बृहस्पति देवा॥

तन, मन, धन अर्पण कर, जो जन शरण पड़े।
प्रभु प्रकट तब होकर, आकर द्वार खड़े॥
ॐ जय बृहस्पति देवा॥

दीनदयाल दयानिधि, भक्तन हितकारी।
पाप-दोष सब हर्ता, भव-बंधन हारी॥
ॐ जय बृहस्पति देवा॥

सकल मनोरथ दायक, सब संशय तारो।
विषय-विकार मिटाओ, संतन सुखकारी॥
ॐ जय बृहस्पति देवा॥

जो कोई आरती तेरी प्रेम सहित गावे।
जेष्टानंद बंद सो-सो निश्चय पावे॥
ॐ जय बृहस्पति देवा॥

ॐ जय बृहस्पति देवा आरती के प्रमुख फायदे (Benefits)

  • करियर और बिजनेस में ग्रोथ: देवगुरु बृहस्पति को विद्या, भाग्य और विस्तार का कारक माना जाता है। नियमित या गुरुवार को यह आरती करने से कार्यक्षेत्र में आ रही रुकावटें दूर होती हैं और नए अवसर मिलते हैं।

  • एजुकेशन और फोकस में सुधार: स्टूडेंट्स के लिए यह आरती विशेष लाभकारी मानी जाती है; इससे एकाग्रता, याददाश्त और सही निर्णय लेने की मानसिक समझ बेहतर होती है।

  • विवाह और रिश्तों में स्थिरता: कुंडली में गुरु दोष होने पर शादी-ब्याह में देरी या वैवाहिक जीवन में अनबन की स्थिति बनती है। इस आरती का पाठ करने से गुरु ग्रह शांत होता है और रिश्तों में सामंजस्य बढ़ता है।

  • मानसिक तनाव और कन्फ्यूजन से मुक्ति: जब दिमाग में बहुत सारे थॉट्स एक साथ चल रहे हों, तब यह आरती मन को शांत करके एक साफ और फोकस्ड नजरिया देने में मदद करती है।

  • घर में सुख-समृद्धि और सात्विक वातावरण: गुरुवार के दिन पीले वस्त्र, चने की दाल और गुड़ का भोग लगाकर आरती करने से घर की निगेटिव एनर्जी दूर होती है और सुख-शांति का वास होता है।

ॐ जय बृहस्पति देवा आरती लिरिक्स : Om Jai Brihaspati Deva Aarti Lyrics
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ॐ जय बृहस्पति देवा आरती लिरिक्स : Om Jai Brihaspati Deva Aarti Lyrics

Ram Shalaka

Spiritual Knowledge & Publications

Category: Aarti
Date: 13 Oct 2026

ॐ जय बृहस्पति देवा आरती लिरिक्स : Om Jai Brihaspati Deva Aarti Lyrics

ॐ जय बृहस्पति देवा आरती


ॐ जय बृहस्पति देवा, स्वामी जय बृहस्पति देवा।
छिन-छिन भोग लगाऊँ, कदली फल मेवा॥
ॐ जय बृहस्पति देवा॥

तुम पूर्ण परमात्मा, तुम अंतर्यामी।
जगतपिता जगदीश्वर, तुम सबके स्वामी॥
ॐ जय बृहस्पति देवा॥

चरणामृत निज निर्मल, सब पातक हर्ता।
सकल मनोरथ दायक, कृपा करो भर्ता॥
ॐ जय बृहस्पति देवा॥

तन, मन, धन अर्पण कर, जो जन शरण पड़े।
प्रभु प्रकट तब होकर, आकर द्वार खड़े॥
ॐ जय बृहस्पति देवा॥

दीनदयाल दयानिधि, भक्तन हितकारी।
पाप-दोष सब हर्ता, भव-बंधन हारी॥
ॐ जय बृहस्पति देवा॥

सकल मनोरथ दायक, सब संशय तारो।
विषय-विकार मिटाओ, संतन सुखकारी॥
ॐ जय बृहस्पति देवा॥

जो कोई आरती तेरी प्रेम सहित गावे।
जेष्टानंद बंद सो-सो निश्चय पावे॥
ॐ जय बृहस्पति देवा॥

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