श्री नर्मदा आरती | Narmada Aarti Lyrics in Hindi
Narmada Aarti Lyrics in Hindi को सुनना या पढ़ना सिर्फ एक पूजा का नियम नहीं है, बल्कि अपनी बिजी और स्ट्रेसफुल लाइफ में से कुछ मिनट निकालकर इनर पीस पाने का बेस्ट तरीका है। हम सब दिनभर किसी न किसी चिंता, काम के प्रेशर या नेगेटिविटी से घिरे रहते हैं—लेकिन जब आप सच्चे मन से माँ नर्मदा की आरती गाते हैं, तो मन का हर तनाव अपने आप हल्का होने लगता है। माँ नर्मदा को जीवनदायिनी और मोक्षदायिनी माना गया है, जिनकी ममता हर भक्त को सुरक्षा का अहसास कराती है। अगर आपका दिन भी थोड़ा हेक्टिक बीता है, तो बस एक दीपक जलाइए और माँ नर्मदा की इस आरती के साथ अपने घर में पॉजिटिविटी का स्वागत कीजिए।
॥ श्री नर्मदा माता जी की आरती ॥
ॐ जय जगदानन्दी, मैया जय आनंद कन्दी।
ब्रह्मा हरिहर शंकर रेवा, शिव हरि शंकर रुद्री पालन्ती॥
ॐ जय जगदानन्दी...॥
देवी नारद शारद तुम वरदायक, अभिनव पदचण्डी।
सुर-नर-मुनिजन सेवत, सुर-नर-मुनि शारद पदवन्ती॥
ॐ जय जगदानन्दी...॥
देवी धूमक वाहन राजत, वीणा वादयन्ती।
झूमकत झूमकत झूमकत, झननन झननन रमती राजन्ती॥
ॐ जय जगदानन्दी...॥
देवी बाजत ताल मृदंगा, सुरमण्डल रमती।
तोड़ीतान तोड़ीतान तोड़ीतान, तुरड़ड़ तुरड़ड़ तुरड़ड़ रमती सुरवन्ती॥
ॐ जय जगदानन्दी...॥
देवी सकल भुवन पर आप विराजत, निशदिन आनन्दी।
गावत गंगा शंकर, सेवत रेवाशंकर तुम भव मेटन्ती॥
ॐ जय जगदानन्दी...॥
मैया जी को कंचन थाल विराजत, अगर कपूर बाती।
अमरकंठ में विराजत, घाट-घाट कोटि रतन ज्योति॥
ॐ जय जगदानन्दी...॥
मैया जी की आरती निशदिन पढ़ि गावें, हो रेवा जुग-जुग नर गावें।
भजत शिवानंद स्वामी, जपत हरि मनवांछित फल पावें॥
ॐ जय जगदानन्दी...॥
माँ नर्मदा आरती के प्रमुख फायदे (Benefits)
मानसिक तनाव और एंग्जायटी से मुक्ति: माँ नर्मदा का स्वरूप परम शांत और शीतल माना गया है। इनकी आरती के नियमित श्रवण या गायन से मन की बेचैनी, ओवरथिंकिंग और गुस्सा शांत होता है।
पापों और मानसिक भारीपन का नाश: शास्त्रों में मान्यता है कि नर्मदा जी का स्मरण ही समस्त पापों और ग्लानि को दूर कर देता है। आरती करने से अंतरात्मा शुद्ध और ऊर्जावान महसूस होती है।
घर में सात्विक और सकारात्मक ऊर्जा: शाम के समय घी या कपूर का दीपक जलाकर नर्मदा आरती करने से घर की नेगेटिव वाइब्स बाहर निकलती हैं और वातावरण में एक पवित्र वाइब्रेशन बनती है।
अकाल मृत्यु और भय से सुरक्षा: लोकमान्यता के अनुसार, माँ रेवा की भक्ति और आरती मनुष्य को अज्ञात भयों, बुरे सपनों और अकाल संकटों से रक्षा कवच प्रदान करती है।
पारिवारिक शांति और समृद्धि: जो भक्त नियमित रूप से माँ नर्मदा की स्तुति करते हैं, उनके घर-परिवार में कलह समाप्त होकर सुख, सद्भाव और संतोष का वास होता है।
श्री नर्मदा आरती | Narmada Aarti Lyrics in Hindi
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श्री नर्मदा आरती | Narmada Aarti Lyrics in Hindi
॥ श्री नर्मदा माता जी की आरती ॥
ॐ जय जगदानन्दी, मैया जय आनंद कन्दी।
ब्रह्मा हरिहर शंकर रेवा, शिव हरि शंकर रुद्री पालन्ती॥
ॐ जय जगदानन्दी...॥
देवी नारद शारद तुम वरदायक, अभिनव पदचण्डी।
सुर-नर-मुनिजन सेवत, सुर-नर-मुनि शारद पदवन्ती॥
ॐ जय जगदानन्दी...॥
देवी धूमक वाहन राजत, वीणा वादयन्ती।
झूमकत झूमकत झूमकत, झननन झननन रमती राजन्ती॥
ॐ जय जगदानन्दी...॥
देवी बाजत ताल मृदंगा, सुरमण्डल रमती।
तोड़ीतान तोड़ीतान तोड़ीतान, तुरड़ड़ तुरड़ड़ तुरड़ड़ रमती सुरवन्ती॥
ॐ जय जगदानन्दी...॥
देवी सकल भुवन पर आप विराजत, निशदिन आनन्दी।
गावत गंगा शंकर, सेवत रेवाशंकर तुम भव मेटन्ती॥
ॐ जय जगदानन्दी...॥
मैया जी को कंचन थाल विराजत, अगर कपूर बाती।
अमरकंठ में विराजत, घाट-घाट कोटि रतन ज्योति॥
ॐ जय जगदानन्दी...॥
मैया जी की आरती निशदिन पढ़ि गावें, हो रेवा जुग-जुग नर गावें।
भजत शिवानंद स्वामी, जपत हरि मनवांछित फल पावें॥
ॐ जय जगदानन्दी...॥
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