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सूर्य स्तुति - Surya Stuti PDF

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सूर्य नारायण देव को जीवन तथा ऊर्जा का स्रोत माना जाता है। उनकी कृपा से भक्त तेजस्वी बनता है और जीवन में तरक्की के मार्ग पर आगे बढ़ता है। सूर्य देव का आशीर्वाद पाने के भक्त उनकी स्तुति करते है, मंत्र जाप करते है, तथा चालीसा का पाठ करते है।

आज के इस लेख में आप सूर्य स्तुति के बारे में जानोगे जो की सूर्य नारायण की महिमा का वर्णन करने वाला स्तोत्र है। सच्चे मन से सूर्य स्तुति के पाठ करने से भक्त के रोगों का नाश होता है, मानसिक शांति प्राप्त होती है, और सकारात्मक ऊर्जा मिलती है।

सूर्य स्तुति (Surya Stuti)

|| श्री सूर्य स्तुति ||

जय कश्यप-नन्दन, ॐ जय अदिति नन्दन ।।
त्रिभुवन-तिमिर-निकन्दन, भक्त-हृदय-चन्दन॥१॥

जय कश्यप-नन्दन, ॐ जय अदिति नन्दन।।
सप्त-अश्वरथ राजित, एक चक्रधारी॥२॥

दु:खहारी, सुखकारी, मानस-मल-हारी॥
जय कश्यप-नन्दन, ॐ जय अदिति नन्दन॥३॥

सुर-मुनि-भूसुर-वन्दित, विमल विभवशाली।
अघ-दल-दलन दिवाकर, दिव्य किरण माली॥४॥

जय कश्यप-नन्दन, ॐ जय अदिति नन्दन।।
सकल-सुकर्म-प्रसविता, सविता शुभकारी॥५॥

विश्व-विलोचन मोचन, भव-बन्धन भारी॥
जय कश्यप-नन्दन, ॐ जय अदिति नन्दन॥६॥

कमल-समूह विकासक, नाशक त्रय तापा।
सेवत साहज हरत अति मनसिज-संतापा ॥७॥

जय कश्यप-नन्दन, ॐ जय अदिति नन्दन।।
नेत्र-व्याधि हर सुरवर, भू-पीड़ा-हारी॥८॥

वृष्टि विमोचन संतत, परहित व्रतधारी॥
जय कश्यप-नन्दन, ॐ जय अदिति नन्दन॥९॥

सूर्यदेव करुणाकर, अब करुणा कीजै।
हर अज्ञान-मोह सब, तत्वज्ञान दीजै॥१०॥

जय कश्यप-नन्दन, ॐ जय अदिति नन्दन।।

सूर्य स्त्रोत

विकर्तनो विवस्वांश्च मार्तण्डो भास्करो रविः।
लोक प्रकाशकः श्री मांल्लोक चक्षुर्मुहेश्वरः॥१॥

लोकसाक्षी त्रिलोकेशः कर्ता हर्ता तमिस्रहा।
तपनस्तापनश्चैव शुचिः सप्ताश्ववाहनः॥२॥

गभस्तिहस्तो ब्रह्मा च सर्वदेवनमस्कृतः।
एकविंशतिरित्येष स्तव इष्टः सदा रवेः॥३॥

यह भी देखे -

सूर्य स्तुति के महत्व

सूर्य देव को जीवन, ऊर्जा और स्वास्थ्य का दाता माना जाता है, और उनकी स्तुति करने से व्यक्ति में शक्ति, सकारात्मकता और जीवन की ऊर्जा का संचार होता है।

प्रतिदिन शांत मन से सूर्य स्तुति का पाठ करने से भक्त को स्वास्थ्य लाभ होता है और उसे रोगों से मुक्ति मिलती है। भक्त का आत्मविश्वास बढ़ता है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होता है। सूर्य देव की कृपा से आयु और यश में भी वृद्धि होती है।

Surya Stuti PDF

आप सरलता से प्रतिदिन सूर्य स्तुति का पाठ कर सको इसके लिए हमने सूर्य स्तुति की PDF को तैयार किया है। आप इस PDF को हमारे द्वारा प्राप्त कर सकते है। और इसे डाउनलोड करके save कर सकते है जिससे आप नियमित रूप से सूर्य स्तुति का पाठ कर सूर्य नारायण का आशीर्वाद पा सकते है।

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सूर्य स्तुति - Surya Stuti PDF

Ram Shalaka

Spiritual Knowledge & Publications

Category: Stuti
Date: 11 Nov 2024

सूर्य स्तुति - Surya Stuti PDF

सूर्य नारायण देव को जीवन तथा ऊर्जा का स्रोत माना जाता है। उनकी कृपा से भक्त तेजस्वी बनता है और जीवन में तरक्की के मार्ग पर आगे बढ़ता है। सूर्य देव का आशीर्वाद पाने के भक्त उनकी स्तुति करते है, मंत्र जाप करते है, तथा चालीसा का पाठ करते है।

आज के इस लेख में आप सूर्य स्तुति के बारे में जानोगे जो की सूर्य नारायण की महिमा का वर्णन करने वाला स्तोत्र है। सच्चे मन से सूर्य स्तुति के पाठ करने से भक्त के रोगों का नाश होता है, मानसिक शांति प्राप्त होती है, और सकारात्मक ऊर्जा मिलती है।

सूर्य स्तुति (Surya Stuti)

|| श्री सूर्य स्तुति ||

जय कश्यप-नन्दन, ॐ जय अदिति नन्दन ।।
त्रिभुवन-तिमिर-निकन्दन, भक्त-हृदय-चन्दन॥१॥

जय कश्यप-नन्दन, ॐ जय अदिति नन्दन।।
सप्त-अश्वरथ राजित, एक चक्रधारी॥२॥

दु:खहारी, सुखकारी, मानस-मल-हारी॥
जय कश्यप-नन्दन, ॐ जय अदिति नन्दन॥३॥

सुर-मुनि-भूसुर-वन्दित, विमल विभवशाली।
अघ-दल-दलन दिवाकर, दिव्य किरण माली॥४॥

जय कश्यप-नन्दन, ॐ जय अदिति नन्दन।।
सकल-सुकर्म-प्रसविता, सविता शुभकारी॥५॥

विश्व-विलोचन मोचन, भव-बन्धन भारी॥
जय कश्यप-नन्दन, ॐ जय अदिति नन्दन॥६॥

कमल-समूह विकासक, नाशक त्रय तापा।
सेवत साहज हरत अति मनसिज-संतापा ॥७॥

जय कश्यप-नन्दन, ॐ जय अदिति नन्दन।।
नेत्र-व्याधि हर सुरवर, भू-पीड़ा-हारी॥८॥

वृष्टि विमोचन संतत, परहित व्रतधारी॥
जय कश्यप-नन्दन, ॐ जय अदिति नन्दन॥९॥

सूर्यदेव करुणाकर, अब करुणा कीजै।
हर अज्ञान-मोह सब, तत्वज्ञान दीजै॥१०॥

जय कश्यप-नन्दन, ॐ जय अदिति नन्दन।।

सूर्य स्त्रोत

विकर्तनो विवस्वांश्च मार्तण्डो भास्करो रविः।
लोक प्रकाशकः श्री मांल्लोक चक्षुर्मुहेश्वरः॥१॥

लोकसाक्षी त्रिलोकेशः कर्ता हर्ता तमिस्रहा।
तपनस्तापनश्चैव शुचिः सप्ताश्ववाहनः॥२॥

गभस्तिहस्तो ब्रह्मा च सर्वदेवनमस्कृतः।
एकविंशतिरित्येष स्तव इष्टः सदा रवेः॥३॥

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सूर्य स्तुति के महत्व

सूर्य देव को जीवन, ऊर्जा और स्वास्थ्य का दाता माना जाता है, और उनकी स्तुति करने से व्यक्ति में शक्ति, सकारात्मकता और जीवन की ऊर्जा का संचार होता है।

प्रतिदिन शांत मन से सूर्य स्तुति का पाठ करने से भक्त को स्वास्थ्य लाभ होता है और उसे रोगों से मुक्ति मिलती है। भक्त का आत्मविश्वास बढ़ता है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होता है। सूर्य देव की कृपा से आयु और यश में भी वृद्धि होती है।

Surya Stuti PDF

आप सरलता से प्रतिदिन सूर्य स्तुति का पाठ कर सको इसके लिए हमने सूर्य स्तुति की PDF को तैयार किया है। आप इस PDF को हमारे द्वारा प्राप्त कर सकते है। और इसे डाउनलोड करके save कर सकते है जिससे आप नियमित रूप से सूर्य स्तुति का पाठ कर सूर्य नारायण का आशीर्वाद पा सकते है।

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