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श्री राम रक्षा स्तोत्र - Ram Raksha Stotra in Hindi PDF

Stotra · · 662 Views

अगर आप भगवान राम से प्रार्थना करना चाहते हैं और उनकी भक्ति और महिमा में लीन होना चाहते हैं तो श्री राम रक्षा स्तोत्र (Ram Raksha Stotra) भगवान राम की प्रार्थना का एक बेहतरीन उपाय हैं। स्तोत्र का नियमित रूप से पाठ करने पर आपको भगवान राम की कृपा होगी और आपको सुख, समृद्धि और सफलता की प्राप्ति होगी। श्री राम रक्षा स्तोत्र में भगवान के गुणों और शक्तियों के बारे में बताया गया हैं और शरीर के विभिन भागो की रक्षा के लिए भगवान राम का आह्वान किया गया हैं।

श्री राम रक्षा स्तोत्र (Ram Raksha Stotra)

॥ अथ श्रीरामरक्षास्तोत्रम् ॥

ध्यानम्:
ध्यायेदाजानुबाहुं धृतशरधनुषं बद्दपद्मासनस्थं,
पीतं वासो वसानं नवकमलदलस्पर्धिनेत्रं प्रसन्नम्।
वामांकारूढसीता मुखकमलमिलल्लोचनं नीरदाभं,
नानालङ्कारदीप्तं दधतमुरुजटामण्डलं रामचन्द्रम्॥

स्तोत्रम्:
चरितं रघुनाथस्य शतकोटि प्रविस्तरम्।
एकैकमक्षरं पुंसां महापातकनाशनम्॥ १॥

ध्यात्वा नीलोत्पलश्यामं रामं राजीवलोचनम्।
जानकीलक्ष्मणोपेतं जटामुकुटमण्डितम्॥ २॥

सासितूणधनुर्बाणपाणिं नक्तं चरान्तकम्।
स्वलीलया जगत्त्रातुं आविर्भूतं अजं विभुम्॥ ३॥

रामरक्षां पठेत् प्राज्ञ: पापघ्नीं सर्वकामदाम्।
शिरो मे राघव: पातु भालं दशरथात्मज:॥ ४॥

कौसल्येयो दृशौ पातु विश्वामित्रप्रिय: श्रुती।
घ्राणं पातु मखत्राता मुखं सौमित्रिवत्सल:॥ ५॥

जिव्हां विद्यानिधि: पातु कण्ठं भरतवन्दित:।
स्कन्धौ दिव्यायुध: पातु भुजौ भग्नेशकार्मुक:॥ ६॥

करौ सीतापतिः पातु हृदयं जामदग्न्यजित्।
मध्यं पातु खरध्वंसी नाभिं जाम्बवदाश्रय:॥ ७॥

सुग्रीवेश: कटी पातु सक्थिनी हनुमत्प्रभु:।
ऊरू रघूत्तम: पातु रक्ष:कुलविनाशकृत्॥ ८॥

जानुनी सेतुकृत्पातु जङ्घे दशमुखान्तक:।
पादौ बिभीषणश्रीद: पातु रामोऽखिलं वपु:॥ ९॥

एतां रामबलोपेतां रक्षां य: सुकृती पठेत्।
स चिरायुः सुखी पुत्री विजयी विनयी भवेत्॥ १०॥

॥ इति श्री बुधकौशिकविरचितं श्रीरामरक्षास्तोत्रं सम्पूर्णम् ॥

श्री राम रक्षा स्तोत्र का जाप कौन कर सकता हैं?

रक्षा स्तोत्र का जाप कोई भी व्यक्ति या भक्त कर सकता हैं। वे लोग जो भगवान राम में विशवास रखते हैं वे नियमित रूप से इस स्तोत्र का जाप करते हैं। अगर आप एक ऐसे व्यक्ति हैं जो भगवान राम के प्रति अपने भक्तिभाव और प्रेम को व्यक्त रकना चाहते हैं और भगवान राम के जीवन से कुछ सीखना चाहते हैं तो आप इस रक्षा स्तोत्र जा जाप कर सकते हैं।

क्या रक्षा स्तोत्र और लिरिक्स एक ही हैं?

हाँ, स्तोत्र की पंक्तियों को ही लिरिक्स बोला जाता हैं और कई लोग इसे संगीत के रूप में भी गाते हैं।

Ram Raksha Stotra PDF

Ram Raksha Stotra की हिंदी PDF को आप हमारे द्वारा प्राप्त कर सकते हैं। हमारे द्वारा दी गयी pdf में आपको स्तोत्र के साथ हर पंक्ति के हिंदी अर्थ भी जानने को मिलेगें। इसे आप हर पंक्ति का मतलब आसानी से समझ पाएंगे और जान पाएंगे की स्तोत्र में भगवान राम के बारे में क्या कहा गया हैं।

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श्री राम रक्षा स्तोत्र - Ram Raksha Stotra in Hindi PDF

Ram Shalaka

Spiritual Knowledge & Publications

Category: Stotra
Date: 18 Oct 2024

श्री राम रक्षा स्तोत्र - Ram Raksha Stotra in Hindi PDF

अगर आप भगवान राम से प्रार्थना करना चाहते हैं और उनकी भक्ति और महिमा में लीन होना चाहते हैं तो श्री राम रक्षा स्तोत्र (Ram Raksha Stotra) भगवान राम की प्रार्थना का एक बेहतरीन उपाय हैं। स्तोत्र का नियमित रूप से पाठ करने पर आपको भगवान राम की कृपा होगी और आपको सुख, समृद्धि और सफलता की प्राप्ति होगी। श्री राम रक्षा स्तोत्र में भगवान के गुणों और शक्तियों के बारे में बताया गया हैं और शरीर के विभिन भागो की रक्षा के लिए भगवान राम का आह्वान किया गया हैं।

श्री राम रक्षा स्तोत्र (Ram Raksha Stotra)

॥ अथ श्रीरामरक्षास्तोत्रम् ॥

ध्यानम्:
ध्यायेदाजानुबाहुं धृतशरधनुषं बद्दपद्मासनस्थं,
पीतं वासो वसानं नवकमलदलस्पर्धिनेत्रं प्रसन्नम्।
वामांकारूढसीता मुखकमलमिलल्लोचनं नीरदाभं,
नानालङ्कारदीप्तं दधतमुरुजटामण्डलं रामचन्द्रम्॥

स्तोत्रम्:
चरितं रघुनाथस्य शतकोटि प्रविस्तरम्।
एकैकमक्षरं पुंसां महापातकनाशनम्॥ १॥

ध्यात्वा नीलोत्पलश्यामं रामं राजीवलोचनम्।
जानकीलक्ष्मणोपेतं जटामुकुटमण्डितम्॥ २॥

सासितूणधनुर्बाणपाणिं नक्तं चरान्तकम्।
स्वलीलया जगत्त्रातुं आविर्भूतं अजं विभुम्॥ ३॥

रामरक्षां पठेत् प्राज्ञ: पापघ्नीं सर्वकामदाम्।
शिरो मे राघव: पातु भालं दशरथात्मज:॥ ४॥

कौसल्येयो दृशौ पातु विश्वामित्रप्रिय: श्रुती।
घ्राणं पातु मखत्राता मुखं सौमित्रिवत्सल:॥ ५॥

जिव्हां विद्यानिधि: पातु कण्ठं भरतवन्दित:।
स्कन्धौ दिव्यायुध: पातु भुजौ भग्नेशकार्मुक:॥ ६॥

करौ सीतापतिः पातु हृदयं जामदग्न्यजित्।
मध्यं पातु खरध्वंसी नाभिं जाम्बवदाश्रय:॥ ७॥

सुग्रीवेश: कटी पातु सक्थिनी हनुमत्प्रभु:।
ऊरू रघूत्तम: पातु रक्ष:कुलविनाशकृत्॥ ८॥

जानुनी सेतुकृत्पातु जङ्घे दशमुखान्तक:।
पादौ बिभीषणश्रीद: पातु रामोऽखिलं वपु:॥ ९॥

एतां रामबलोपेतां रक्षां य: सुकृती पठेत्।
स चिरायुः सुखी पुत्री विजयी विनयी भवेत्॥ १०॥

॥ इति श्री बुधकौशिकविरचितं श्रीरामरक्षास्तोत्रं सम्पूर्णम् ॥

श्री राम रक्षा स्तोत्र का जाप कौन कर सकता हैं?

रक्षा स्तोत्र का जाप कोई भी व्यक्ति या भक्त कर सकता हैं। वे लोग जो भगवान राम में विशवास रखते हैं वे नियमित रूप से इस स्तोत्र का जाप करते हैं। अगर आप एक ऐसे व्यक्ति हैं जो भगवान राम के प्रति अपने भक्तिभाव और प्रेम को व्यक्त रकना चाहते हैं और भगवान राम के जीवन से कुछ सीखना चाहते हैं तो आप इस रक्षा स्तोत्र जा जाप कर सकते हैं।

क्या रक्षा स्तोत्र और लिरिक्स एक ही हैं?

हाँ, स्तोत्र की पंक्तियों को ही लिरिक्स बोला जाता हैं और कई लोग इसे संगीत के रूप में भी गाते हैं।

Ram Raksha Stotra PDF

Ram Raksha Stotra की हिंदी PDF को आप हमारे द्वारा प्राप्त कर सकते हैं। हमारे द्वारा दी गयी pdf में आपको स्तोत्र के साथ हर पंक्ति के हिंदी अर्थ भी जानने को मिलेगें। इसे आप हर पंक्ति का मतलब आसानी से समझ पाएंगे और जान पाएंगे की स्तोत्र में भगवान राम के बारे में क्या कहा गया हैं।

Website: ramshalaka.in Spiritual PDF Document

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