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श्री साईं कष्ट निवारण मंत्र - Sai Kasht Nivaran Mantra PDF

Mantra · · 1,018 Views

श्री साईं बाबा उनके चमत्कारों के कारन दुनिया भर में प्रसिद्ध है। शिरडी साईं बाबा मंदिर में हमेशा भक्तो की भीड़ लगी रहती है। अगर आप श्री साईं बाबा का आशीर्वाद प्राप्त करना चाहते हो तो आपको श्री साईं कष्ट निवारण मंत्र का जाप अवश्य करना चाहिए।

श्री साईं बाबा को कष्टों के निवारक के रूप में जाना जाता है। उनकी कृपा से भक्तों के सभी दुःख और पीड़ा दूर होती हैं। श्री साईं कष्ट निवारण मंत्र एक ऐसा मंत्र है जो भक्तों को मानसिक शांति और कष्टों से मुक्ति दिलाता है। तो आइये इस लेख में श्री साईं कष्ट निवारण मंत्र के बारे में तथा इसके महत्त्व के बारे में जानते है।

श्री साईं कष्ट निवारण मंत्र (Sai Kasht Nivaran Mantra)

सदगुरू साईं नाथ महाराज की जय

कष्टों की काली छाया दुखदायी है, जीवन में घोर उदासी लायी है |
संकट को तालो साई दुहाई है, तेरे सिवा न कोई सहाई है ||१||

मेरे मन तेरी मूरत समाई है, हर पल हर शन महिमा गायी है
घर मेरे कष्टों की आंधी आई है, आपने क्यूँ मेरी सुध भुलाई है |२||

तुम भोले नाथ हो दया निधान हो, तुम हनुमान हो तुम बलवान हो |
तुम्ही राम और श्याम हो, सारे जग त में तुम सबसे महान हो ||३||

तुम्ही महाकाली तुम्ही माँ शारदे, करता हूँ प्राथना भव से तार दे |
तुम्ही मोहमद्‌ हो गरीब नवाज़ हो, नानक की बानी में ईसा के साथ हो ||४||

तुम्ही द्गम्बर तुम्ही कबीर हो, हो बुध तुम्ही ओर महावीर हो |
सारे जगत का तुम्ही आधार हो, निराकार भी और साकार हो ||५||

करता हूँ वंदना प्रेम विशवास से, सुनो साईं अल्लाह के वास्ते |
अधरों पे मेरे नहीं मुस्कान है, घर मेरा बनने लगा शमशान है ||६||

रहम नज़र करो उन्हे वीरान पे, जिंदगी संवरेगी एक वरदान से |
पापों की घुप से तन लगा हारने, आपका यह दास लगा पुकारने ||७||

आपने सदा ही लाज बचाई है, देर न हो जाये मन शंकाई है |
धीरे-धीरे धीरज ही खोता है, मन में बसा विशवास ही रोता है ||८||

मेरी कल्पना साकार कर दो, सूनी जिंदगी में रंग भर दो |
ढोते-ढोते पापों का भार जिंदगी से, में गया हार जिंदगी से ||९||

नाथ अवगुण अब तो बिसारो, कष्टों की लहर से आके उबारो |
करता हूँ पाप में पापों की खान हूँ, ज्ञानी तुम ज्ञानेश्वर में अज्ञान हूँ
करता हूँ पग-पग पर पापों की भूल में, तार दो जीवन ये चरणों की धूल से ||१०||

तुमने ऊजरा हुआ घर बसाया, पानी से दीपक भी तुमने जलाया |
तुमने ही शिरडी को धाम बनाया, छोटे से गाँव में स्वर्ग सजाया ||११||

कष्ट पाप श्राप उतारो, प्रेम दया दृष्टि से निहारो |
आपका दास हूँ ऐसे न टालिए, गिरने लगा हूँ साईं संभालिये ||१२||

साईजी बालक में अनाथ हूँ, तेरे भरोसे रहता दिन रात हूँ |
जैसा भी हूँ , हँ तो आपका, कीजे निवारण मेरे संताप का ||१३||

तू है सवेरा और में रात हूँ, मेल नहीं कोई फिर भी साथ हूँ
साईं मुझसे मुख न मोड़ो, बीच मझधार अकेला न छोड़ो ||१४||

आपके चरणों में बसे प्राण हे, तेरे वचन मेरे गुरु समान है |
आपकी राहों पे चलता दास है, ख़ुशी नहीं कोई जीवन उदास है ||१५||

आंसू की धारा में डूबता किनारा, जिंदगी में दर्द नहीं गुजारा |
लगाया चमन तो फूल खिलायो, फूल खिले है तो खुशबू भी लायो ||१६||

कर दो इशारा तो बात बन जाये, जो किस्मत में नहीं वो मिल जाये |
बीता ज़माना यह गाके फ़साना, सरहदे ज़िन्दगी मौत तराना ||१७||

देर तो हो गयी है अंधेर ना हो, फ़िक मिले लकिन फरेब ना हो |
देके टालो या दामन बचा लो, हिलने लगी रहनुमाई संभालो ||१८||

तेरे दम पे अल्लाह की शान है, सूफी संतो का ये बयान है |
गरीबों की झोली में भर दो खजाना, ज़माने के वली करो ना बहाना ||१९||

दर के भिखारी है मोहताज है हम, शंहंशाये आलम करो कुछ करम |
तेरे खजाने में अल्लाह की रहमत, तुम सदगुरू साईं हो समरथ ||२०||

आये हो घरती पे देने सहारा, करने लगे क्यूँ हमसे किनारा |
जब तक ये ब्रह्मांड रहेगा, साईं तेरा नाम रहेगा ||२१||

चाँद सितारे तुम्हे पुकारेंगे, जन्मोजनम हम रास्ता निहारेंगे |
आत्मा बदलेगी चोले हज़ार, हम मिलते रहेंगे बारम्बार ||२२||

आपके कदमो में बेठे रहेंगे, दुखड़े दिल के कहते रहेंगे |
आपकी मर्जी है दो या ना दो, हम तो कहेंगे दामन ही भर दो ||२३||

तुम हो दाता हम है भिखारी, सुनते नहीं क्यूँ अर्ज़ हमारी |
अच्छा चलो एक बात बता दो, क्या नहीं तुम्हारे पास बता दो ||२४||

जो नहीं देना है इनकार कर दो, ख़तम ये आपस की तकरार कर दो |
लौट के खाली चला जायूँगा, फिर भी गुण तेरे गायूँगा ||२५||

जब तक काया है तब तक माया है, इसी में दुखो का मूल समाया है |
सबकुछ जान के अनजान हूँ में, अल्लाह की तू शान तेरी शान हूँ में ||२६||

तेरा करम सदा सब पे रहेगा, ये चक्र युग-युग चलता रहेगा |
जो प्राणी गायेगा साईं तेरा नाम, उसको मुक्ति मिले पहुंचे परम धाम ||२७||

ये मंत्र जो प्राणी नित दिन गायेंगे, राहू , केतु , शनि निकट ना आयेंगे |
टाल जायेंगे संकट सारे, घर में वास करें सुख सारे ||२८||

जो श्रधा से करेगा पठन, उस पर देव सभी हो प्रस्सन |
रोग समूल नष्ट हो जायेंगे, कष्ट निवारण मंत्र जो गायेंगे ||२९||

चिंता हरेगा निवारण जाप, पल में दूर हो सब पाप |
जो ये पुस्तक नित दिन बांचे, श्री लक्ष्मीजी घर उसके सदा विराजे ||३०||

ज्ञान, बुधि प्राणी वो पायेगा, कष्ट निवारण मंत्र जो घयायेगा |
ये मंत्र भक्तों कमाल करेगा, आई जो अनहोनी तो टाल देगा ||३१||

भूत-प्रेत भी रहेंगे दूर, इस मंत्र में साईं शक्ति भरपूर |
जपते रहे जो मंत्र अगर, जादू-टोना भी हो बेअसर ||३२||

इस मंत्र में सब गुण समाये, ना हो भरोसा तो आजमाए |
ये मंत्र साई वचन ही जानो, सवयं अमल कर सत्य पहचानो ||३३||

संशय ना लाना विशवास जगाना, ये मंत्र सुखों का है खज़ाना |
इस पुस्तक में साईं का वास, जय साईं श्री साईं जय जय साईं ||३४||

यह भी देखे -

मंत्र का जाप करने का तरीका

अगर आप श्री साईं कष्ट निवारण मंत्र का जाप करने का तरीका जानना चाहते हो तो आइये आपको मंत्र जाप करने के सामान्य तरीको के बारे में बताते है। सबसे पहले आप मंत्र का जाप करते समय श्री साईं बाबा पर पूरी श्रद्धा और विश्वास रखें।

मंत्र का जाप आप शांत वातावरण में करे। वैसे तो आप दिन में किसी भी समय श्री साईं कष्ट निवारण मंत्र का जाप कर सकते हो। लेकिन अगर आप प्रातः काल या साये काल प्रतिदिन श्री साईं बाबा मंत्र का जाप करते है तो आपको विशेष फल प्राप्त होगा।

श्री साईं कष्ट निवारण मंत्र का महत्व

श्री साईं कष्ट निवारण मंत्र का जाप करने से भक्त के सभी कष्ट दूर हो जाते है इसलिए इसे कष्ट निवारण मंत्र कहा जाता है। इसके अलावा मंत्र का जाप करने से भक्त को मानसिक शांति प्राप्त होती है, भक्त के जीवन में सकारात्मक बदलाव आना शुरू हो जाते है, और भक्त को साईं बाबा की कृपा प्राप्त होती है।

Sai Kasht Nivaran Mantra PDF

अगर आप प्रतिदिन श्री साईं कष्ट निवारण मंत्र का जाप करना चाहते हो तो हमने आपके लिए हाई क्वालिटी श्री साईं कष्ट निवारण मंत्र की PDF को तैयार किया है। आप इस PDF को हमारे द्वारा प्राप्त कर सकते है और प्रतिदिन श्री साईं कष्ट निवारण मंत्र का जाप करके भगवान की कृपा पा सकते है।

Free PDF Available

श्री साईं कष्ट निवारण मंत्र - Sai Kasht Nivaran Mantra PDF

Ram Shalaka

Spiritual Knowledge & Publications

Category: Mantra
Date: 08 Nov 2024

श्री साईं कष्ट निवारण मंत्र - Sai Kasht Nivaran Mantra PDF

श्री साईं बाबा उनके चमत्कारों के कारन दुनिया भर में प्रसिद्ध है। शिरडी साईं बाबा मंदिर में हमेशा भक्तो की भीड़ लगी रहती है। अगर आप श्री साईं बाबा का आशीर्वाद प्राप्त करना चाहते हो तो आपको श्री साईं कष्ट निवारण मंत्र का जाप अवश्य करना चाहिए।

श्री साईं बाबा को कष्टों के निवारक के रूप में जाना जाता है। उनकी कृपा से भक्तों के सभी दुःख और पीड़ा दूर होती हैं। श्री साईं कष्ट निवारण मंत्र एक ऐसा मंत्र है जो भक्तों को मानसिक शांति और कष्टों से मुक्ति दिलाता है। तो आइये इस लेख में श्री साईं कष्ट निवारण मंत्र के बारे में तथा इसके महत्त्व के बारे में जानते है।

श्री साईं कष्ट निवारण मंत्र (Sai Kasht Nivaran Mantra)

सदगुरू साईं नाथ महाराज की जय

कष्टों की काली छाया दुखदायी है, जीवन में घोर उदासी लायी है |
संकट को तालो साई दुहाई है, तेरे सिवा न कोई सहाई है ||१||

मेरे मन तेरी मूरत समाई है, हर पल हर शन महिमा गायी है
घर मेरे कष्टों की आंधी आई है, आपने क्यूँ मेरी सुध भुलाई है |२||

तुम भोले नाथ हो दया निधान हो, तुम हनुमान हो तुम बलवान हो |
तुम्ही राम और श्याम हो, सारे जग त में तुम सबसे महान हो ||३||

तुम्ही महाकाली तुम्ही माँ शारदे, करता हूँ प्राथना भव से तार दे |
तुम्ही मोहमद्‌ हो गरीब नवाज़ हो, नानक की बानी में ईसा के साथ हो ||४||

तुम्ही द्गम्बर तुम्ही कबीर हो, हो बुध तुम्ही ओर महावीर हो |
सारे जगत का तुम्ही आधार हो, निराकार भी और साकार हो ||५||

करता हूँ वंदना प्रेम विशवास से, सुनो साईं अल्लाह के वास्ते |
अधरों पे मेरे नहीं मुस्कान है, घर मेरा बनने लगा शमशान है ||६||

रहम नज़र करो उन्हे वीरान पे, जिंदगी संवरेगी एक वरदान से |
पापों की घुप से तन लगा हारने, आपका यह दास लगा पुकारने ||७||

आपने सदा ही लाज बचाई है, देर न हो जाये मन शंकाई है |
धीरे-धीरे धीरज ही खोता है, मन में बसा विशवास ही रोता है ||८||

मेरी कल्पना साकार कर दो, सूनी जिंदगी में रंग भर दो |
ढोते-ढोते पापों का भार जिंदगी से, में गया हार जिंदगी से ||९||

नाथ अवगुण अब तो बिसारो, कष्टों की लहर से आके उबारो |
करता हूँ पाप में पापों की खान हूँ, ज्ञानी तुम ज्ञानेश्वर में अज्ञान हूँ
करता हूँ पग-पग पर पापों की भूल में, तार दो जीवन ये चरणों की धूल से ||१०||

तुमने ऊजरा हुआ घर बसाया, पानी से दीपक भी तुमने जलाया |
तुमने ही शिरडी को धाम बनाया, छोटे से गाँव में स्वर्ग सजाया ||११||

कष्ट पाप श्राप उतारो, प्रेम दया दृष्टि से निहारो |
आपका दास हूँ ऐसे न टालिए, गिरने लगा हूँ साईं संभालिये ||१२||

साईजी बालक में अनाथ हूँ, तेरे भरोसे रहता दिन रात हूँ |
जैसा भी हूँ , हँ तो आपका, कीजे निवारण मेरे संताप का ||१३||

तू है सवेरा और में रात हूँ, मेल नहीं कोई फिर भी साथ हूँ
साईं मुझसे मुख न मोड़ो, बीच मझधार अकेला न छोड़ो ||१४||

आपके चरणों में बसे प्राण हे, तेरे वचन मेरे गुरु समान है |
आपकी राहों पे चलता दास है, ख़ुशी नहीं कोई जीवन उदास है ||१५||

आंसू की धारा में डूबता किनारा, जिंदगी में दर्द नहीं गुजारा |
लगाया चमन तो फूल खिलायो, फूल खिले है तो खुशबू भी लायो ||१६||

कर दो इशारा तो बात बन जाये, जो किस्मत में नहीं वो मिल जाये |
बीता ज़माना यह गाके फ़साना, सरहदे ज़िन्दगी मौत तराना ||१७||

देर तो हो गयी है अंधेर ना हो, फ़िक मिले लकिन फरेब ना हो |
देके टालो या दामन बचा लो, हिलने लगी रहनुमाई संभालो ||१८||

तेरे दम पे अल्लाह की शान है, सूफी संतो का ये बयान है |
गरीबों की झोली में भर दो खजाना, ज़माने के वली करो ना बहाना ||१९||

दर के भिखारी है मोहताज है हम, शंहंशाये आलम करो कुछ करम |
तेरे खजाने में अल्लाह की रहमत, तुम सदगुरू साईं हो समरथ ||२०||

आये हो घरती पे देने सहारा, करने लगे क्यूँ हमसे किनारा |
जब तक ये ब्रह्मांड रहेगा, साईं तेरा नाम रहेगा ||२१||

चाँद सितारे तुम्हे पुकारेंगे, जन्मोजनम हम रास्ता निहारेंगे |
आत्मा बदलेगी चोले हज़ार, हम मिलते रहेंगे बारम्बार ||२२||

आपके कदमो में बेठे रहेंगे, दुखड़े दिल के कहते रहेंगे |
आपकी मर्जी है दो या ना दो, हम तो कहेंगे दामन ही भर दो ||२३||

तुम हो दाता हम है भिखारी, सुनते नहीं क्यूँ अर्ज़ हमारी |
अच्छा चलो एक बात बता दो, क्या नहीं तुम्हारे पास बता दो ||२४||

जो नहीं देना है इनकार कर दो, ख़तम ये आपस की तकरार कर दो |
लौट के खाली चला जायूँगा, फिर भी गुण तेरे गायूँगा ||२५||

जब तक काया है तब तक माया है, इसी में दुखो का मूल समाया है |
सबकुछ जान के अनजान हूँ में, अल्लाह की तू शान तेरी शान हूँ में ||२६||

तेरा करम सदा सब पे रहेगा, ये चक्र युग-युग चलता रहेगा |
जो प्राणी गायेगा साईं तेरा नाम, उसको मुक्ति मिले पहुंचे परम धाम ||२७||

ये मंत्र जो प्राणी नित दिन गायेंगे, राहू , केतु , शनि निकट ना आयेंगे |
टाल जायेंगे संकट सारे, घर में वास करें सुख सारे ||२८||

जो श्रधा से करेगा पठन, उस पर देव सभी हो प्रस्सन |
रोग समूल नष्ट हो जायेंगे, कष्ट निवारण मंत्र जो गायेंगे ||२९||

चिंता हरेगा निवारण जाप, पल में दूर हो सब पाप |
जो ये पुस्तक नित दिन बांचे, श्री लक्ष्मीजी घर उसके सदा विराजे ||३०||

ज्ञान, बुधि प्राणी वो पायेगा, कष्ट निवारण मंत्र जो घयायेगा |
ये मंत्र भक्तों कमाल करेगा, आई जो अनहोनी तो टाल देगा ||३१||

भूत-प्रेत भी रहेंगे दूर, इस मंत्र में साईं शक्ति भरपूर |
जपते रहे जो मंत्र अगर, जादू-टोना भी हो बेअसर ||३२||

इस मंत्र में सब गुण समाये, ना हो भरोसा तो आजमाए |
ये मंत्र साई वचन ही जानो, सवयं अमल कर सत्य पहचानो ||३३||

संशय ना लाना विशवास जगाना, ये मंत्र सुखों का है खज़ाना |
इस पुस्तक में साईं का वास, जय साईं श्री साईं जय जय साईं ||३४||

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मंत्र का जाप करने का तरीका

अगर आप श्री साईं कष्ट निवारण मंत्र का जाप करने का तरीका जानना चाहते हो तो आइये आपको मंत्र जाप करने के सामान्य तरीको के बारे में बताते है। सबसे पहले आप मंत्र का जाप करते समय श्री साईं बाबा पर पूरी श्रद्धा और विश्वास रखें।

मंत्र का जाप आप शांत वातावरण में करे। वैसे तो आप दिन में किसी भी समय श्री साईं कष्ट निवारण मंत्र का जाप कर सकते हो। लेकिन अगर आप प्रातः काल या साये काल प्रतिदिन श्री साईं बाबा मंत्र का जाप करते है तो आपको विशेष फल प्राप्त होगा।

श्री साईं कष्ट निवारण मंत्र का महत्व

श्री साईं कष्ट निवारण मंत्र का जाप करने से भक्त के सभी कष्ट दूर हो जाते है इसलिए इसे कष्ट निवारण मंत्र कहा जाता है। इसके अलावा मंत्र का जाप करने से भक्त को मानसिक शांति प्राप्त होती है, भक्त के जीवन में सकारात्मक बदलाव आना शुरू हो जाते है, और भक्त को साईं बाबा की कृपा प्राप्त होती है।

Sai Kasht Nivaran Mantra PDF

अगर आप प्रतिदिन श्री साईं कष्ट निवारण मंत्र का जाप करना चाहते हो तो हमने आपके लिए हाई क्वालिटी श्री साईं कष्ट निवारण मंत्र की PDF को तैयार किया है। आप इस PDF को हमारे द्वारा प्राप्त कर सकते है और प्रतिदिन श्री साईं कष्ट निवारण मंत्र का जाप करके भगवान की कृपा पा सकते है।

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