गौ माता मंत्र - Gau Mata Mantra PDF
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गौ माता मंत्र - Gau Mata Mantra PDF

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गौ माता को हिंदू धर्म में माता के समान माना जाता है। उन्हें सभी जीवों की मात??...…

गौ माता को हिंदू धर्म में माता के समान माना जाता है। उन्हें सभी जीवों की माता कहा जाता है और कई ग्रंथो में माता को भगवान का दर्जा दिया गया है। गौ माता से जुड़े कई मंत्र हैं जो भक्तों द्वारा उनके प्रति प्रेम और श्रद्धा व्यक्त करने के लिए जाप किए जाते हैं।

आज के इस लेख में हम गौ माता के सभी प्रमुख मंत्रो के बारे में जानेंगे इसके साथ हि मंत्र जाप के महत्त्व और लाभ भी जानेगे। तो आइये बिना किसी देरी के गौ माता के मंत्रो को जानते है।

गौ माता मंत्र (Gau Mata Mantra)

---|| गौमाता पूजन मंत्र ||---

ॐ आवाहयाभ्याम् देवीं, गां त्वां त्रैलोक्यामातरम् ।।
यस्यां स्मरणमात्रेण, सर्वपाप प्रणाशनम् ।।१।।

त्वं देवीं त्वं जगन्माता, त्वमेवासि वसुन्धरा ।
गायत्री त्वं च सावित्री, गंगा त्वं च सरस्वती।।२।।

आगच्छ देवि कल्याणि, शुभां पूजां गृहाण च।
वत्सेन सहितां माता, देवीमावाहयाम्यहम्।।३।।

---|| गोग्रास अर्पण मंत्र ||---

ॐ सुरभिवैष्णवी माता, नित्यं विष्णुपदे स्थिता ।।
ग्रासं गृह्यातु सा धेनुर्यास्ति त्रैलोक्यवासिनी ।।

ॐ सुरभ्यै नमः। नैवेद्यं निवेदयामि ।। पुष्पाञ्जलि/ माला अर्पण ।।
ॐ गोभ्यो यज्ञा प्रवर्तन्ते , गोभ्यो देवाः समुत्थिताः ।।

गोभ्यो वन्दाः समुत्कीर्णाः, सषडगं पदक्रमाः ।।
ॐ सुरभ्यै नमः पुष्पाञ्जलीं / पुष्प मालां समर्पयामि ।।

---|| गौ माता मंत्र ||---

भो गौ मातरः
इदं अन्नं समर्पयामि
कल्याणम कुरु

---|| गौ माता का बीज मंत्र ||---

ॐ गौ नमः

---|| गोपाष्टमी पूजन मंत्र ||---

लक्ष्मीर्या लोकपालानां धेनुरूपेण संस्थिता।
घृतं वहति यज्ञार्थ मम पापं व्यपोहतु।।१।।

घृतक्षीरप्रदा गावो घृतयोन्यो घृतोद्भवाः।
घृतनद्यो घृतावर्तास्ता मे सन्तु सदा गृहे।।२।।

घृतं मे हृदये नित्यं घृतं नाभ्यां प्रतिष्ठितम्।
घृतं सर्वेषु गात्रेषु घृतं मे मनसि स्थितम्।।३।।

गावो ममाग्रतो नित्यं गावः पृष्ठत एव च।
गावो मे सर्वतश्चैव गवां मध्ये वसाम्यहम्।।४।।

सुरूपा बहुरूपाश्च विश्वरूपाश्च मातरः।
गावो मामुपतिष्ठन्तामिति नित्यं प्रकीर्तयेत्।।५।।

---|| गौमाता दैनिक प्रार्थना मंत्र ||---

सुरूपा बहुरूपाश्च विश्वरूपाश्च मातरः।
गावो मामुपतिष्ठन्तामिति नित्यं प्रकीर्तयेत्॥

---|| गौ रक्षा मंत्र ||---

ॐ नमो भगवते त्र्यम्बकायोपशमयोपशमय चुलु चुलु
मिलि मिलि भिदि भिदि गोमानिनि चक्रिणि हूँ फट् ।
अस्मिन्प्रामे गोकुलस्य रक्षां कुरु शान्तिं कुरु कुरु ठ ठ ठ ।।

---|| गौ माता प्रणाम मंत्र ||---

यया सर्वमिदं व्याप्तं जगत् स्थावरजङ्गमम्।
तां धेनुं शिरसा वन्दे भूतभव्यस्य मातरम्॥

---|| गौ माता गायत्री मंत्र ||---

ॐ सर्व देव्यैः बिद्महे मातृरूपाय धीमहि तन्नो धेनुः प्रचोदयात् ॥

---|| गौ नमस्कार मंत्र ||---

नमो गोभ्यः श्रीमतीभ्यः सौरभेयीभ्य एव च।
नमो ब्रह्मसुताभ्यश्च पवित्राभ्यो नमो नमः ॥१॥

गावो ममाग्रतः सन्तु गावो मे सन्तु पृष्ठतः ।
गावो मे पार्श्वयोः सन्तु गवां मध्ये वसाम्यहम! ||२॥

या लक्ष्मी सर्व भूतानां या च देवी व्यवस्थिता ।
धेनु रूपेण सा देवी मम पापं व्यपोहतु ||३॥

त्वं देवी त्वं जगन्माता त्वमेवासि वसुन्धरा ।
गायत्री त्वं च सावित्री गंगा त्वं च सरस्वती ॥४॥

भूतप्रेत पिशाचांश्च पितृ दैवत मानुषान् ।
सर्वान् तारयसे देवि नरकात्पाप संकटात् ॥५॥

---|| गोपाल आवाहन मंत्र ||---

ॐ वसुदेव सुतं देवं, कंस चाणूर मर्दनम् ।।
देवकी परमानन्दं, कृष्णं वन्दे जगद्गुरुम् ।।

---|| प्रदक्षिणा मंत्र ||---

गवां दृष्ट्वा नमस्कृत्य कुर्याच्चैव प्रदक्षिणम् ।
प्रदक्षिणीकृता तेन सप्तद्वीपा वसुन्धरा ॥१॥

सर्वभूतानां गाव: सर्वसुखप्रदाः।
वृद्धिमाकाङ्क्षता पुंसा नित्यं कार्या प्रदक्षिणा ॥२॥

---|| गोग्रास नैवेद्य-मंत्र ||---

सुरभिात्वं जगन्मातर्देवि विष्णुपदे स्थिता।
सर्वदेवमयी ग्रासं मया दत्तमिमं ग्रस।।

कब करना चाहिए गौ माता मंत्र का जाप

गौ माता मंत्र का जाप करने का कोई निश्चित समय नहीं है। आप दिन में किसी भी समय इन मंत्रों का जाप कर सकते हैं। हालांकि, कुछ विशेष समयों में आपको इन मंत्रों का जाप करने से अधिक लाभ मिलता है।

आप सुबह उठकर स्नान करने के बाद गौ माता मंत्रों का जाप कर सकते है। इस समय मन शांत होता है और मंत्रों का जाप अधिक प्रभावी होता है। आप शाम को सूर्य अस्त होने से पहले भी गौ माता मंत्रों का जाप कर सकते हो।

इसके अलावा गौ पूजा के समय गौ माता मंत्रों का जाप करना विशेष महत्व रखता है और आप किसी भी संकट या मुसीबत के समय गौ माता मंत्रों का जाप कर सकते है इस से मन को शांति मिलती है और संकट दूर होता है।

गौ माता मंत्र के महत्व

गौ माता को हिंदू धर्म में सभी जीवों की माता माना जाता है और गौ माता के मंत्रों का जाप करने से व्यक्ति को कई लाभ मिलते हैं। गौ माता के मंत्रों का जाप करने से व्यक्ति का मन शांत होता है और वह तनाव मुक्त रहता है। व्यक्ति को आत्मिक शक्ति प्राप्त होती है तथा जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होता है।

Gau Mata Mantra PDF

हमने आपके लिए सभी प्रमुख तथा प्रभावशाली गौ माता मंत्रो की PDF को तैयार किया है जिसके माध्यम से आप आसानी से गौ माता के मंत्रो का जाप कर सकते हो। आप गौ माता मंत्रो की PDF को हमारे द्वारा ले सकते है और गौ माता के मंत्रो का जाप करके गौ माता का आशीर्वाद पा सकते है।

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Ram Shalaka

Spiritual Knowledge & Publications

Category: Mantra
Date: 01 Nov 2024

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गौ माता को हिंदू धर्म में माता के समान माना जाता है। उन्हें सभी जीवों की मात??...

गौ माता को हिंदू धर्म में माता के समान माना जाता है। उन्हें सभी जीवों की माता कहा जाता है और कई ग्रंथो में माता को भगवान का दर्जा दिया गया है। गौ माता से जुड़े कई मंत्र हैं जो भक्तों द्वारा उनके प्रति प्रेम और श्रद्धा व्यक्त करने के लिए जाप किए जाते हैं।

आज के इस लेख में हम गौ माता के सभी प्रमुख मंत्रो के बारे में जानेंगे इसके साथ हि मंत्र जाप के महत्त्व और लाभ भी जानेगे। तो आइये बिना किसी देरी के गौ माता के मंत्रो को जानते है।

गौ माता मंत्र (Gau Mata Mantra)

---|| गौमाता पूजन मंत्र ||---

ॐ आवाहयाभ्याम् देवीं, गां त्वां त्रैलोक्यामातरम् ।।
यस्यां स्मरणमात्रेण, सर्वपाप प्रणाशनम् ।।१।।

त्वं देवीं त्वं जगन्माता, त्वमेवासि वसुन्धरा ।
गायत्री त्वं च सावित्री, गंगा त्वं च सरस्वती।।२।।

आगच्छ देवि कल्याणि, शुभां पूजां गृहाण च।
वत्सेन सहितां माता, देवीमावाहयाम्यहम्।।३।।

---|| गोग्रास अर्पण मंत्र ||---

ॐ सुरभिवैष्णवी माता, नित्यं विष्णुपदे स्थिता ।।
ग्रासं गृह्यातु सा धेनुर्यास्ति त्रैलोक्यवासिनी ।।

ॐ सुरभ्यै नमः। नैवेद्यं निवेदयामि ।। पुष्पाञ्जलि/ माला अर्पण ।।
ॐ गोभ्यो यज्ञा प्रवर्तन्ते , गोभ्यो देवाः समुत्थिताः ।।

गोभ्यो वन्दाः समुत्कीर्णाः, सषडगं पदक्रमाः ।।
ॐ सुरभ्यै नमः पुष्पाञ्जलीं / पुष्प मालां समर्पयामि ।।

---|| गौ माता मंत्र ||---

भो गौ मातरः
इदं अन्नं समर्पयामि
कल्याणम कुरु

---|| गौ माता का बीज मंत्र ||---

ॐ गौ नमः

---|| गोपाष्टमी पूजन मंत्र ||---

लक्ष्मीर्या लोकपालानां धेनुरूपेण संस्थिता।
घृतं वहति यज्ञार्थ मम पापं व्यपोहतु।।१।।

घृतक्षीरप्रदा गावो घृतयोन्यो घृतोद्भवाः।
घृतनद्यो घृतावर्तास्ता मे सन्तु सदा गृहे।।२।।

घृतं मे हृदये नित्यं घृतं नाभ्यां प्रतिष्ठितम्।
घृतं सर्वेषु गात्रेषु घृतं मे मनसि स्थितम्।।३।।

गावो ममाग्रतो नित्यं गावः पृष्ठत एव च।
गावो मे सर्वतश्चैव गवां मध्ये वसाम्यहम्।।४।।

सुरूपा बहुरूपाश्च विश्वरूपाश्च मातरः।
गावो मामुपतिष्ठन्तामिति नित्यं प्रकीर्तयेत्।।५।।

---|| गौमाता दैनिक प्रार्थना मंत्र ||---

सुरूपा बहुरूपाश्च विश्वरूपाश्च मातरः।
गावो मामुपतिष्ठन्तामिति नित्यं प्रकीर्तयेत्॥

---|| गौ रक्षा मंत्र ||---

ॐ नमो भगवते त्र्यम्बकायोपशमयोपशमय चुलु चुलु
मिलि मिलि भिदि भिदि गोमानिनि चक्रिणि हूँ फट् ।
अस्मिन्प्रामे गोकुलस्य रक्षां कुरु शान्तिं कुरु कुरु ठ ठ ठ ।।

---|| गौ माता प्रणाम मंत्र ||---

यया सर्वमिदं व्याप्तं जगत् स्थावरजङ्गमम्।
तां धेनुं शिरसा वन्दे भूतभव्यस्य मातरम्॥

---|| गौ माता गायत्री मंत्र ||---

ॐ सर्व देव्यैः बिद्महे मातृरूपाय धीमहि तन्नो धेनुः प्रचोदयात् ॥

---|| गौ नमस्कार मंत्र ||---

नमो गोभ्यः श्रीमतीभ्यः सौरभेयीभ्य एव च।
नमो ब्रह्मसुताभ्यश्च पवित्राभ्यो नमो नमः ॥१॥

गावो ममाग्रतः सन्तु गावो मे सन्तु पृष्ठतः ।
गावो मे पार्श्वयोः सन्तु गवां मध्ये वसाम्यहम! ||२॥

या लक्ष्मी सर्व भूतानां या च देवी व्यवस्थिता ।
धेनु रूपेण सा देवी मम पापं व्यपोहतु ||३॥

त्वं देवी त्वं जगन्माता त्वमेवासि वसुन्धरा ।
गायत्री त्वं च सावित्री गंगा त्वं च सरस्वती ॥४॥

भूतप्रेत पिशाचांश्च पितृ दैवत मानुषान् ।
सर्वान् तारयसे देवि नरकात्पाप संकटात् ॥५॥

---|| गोपाल आवाहन मंत्र ||---

ॐ वसुदेव सुतं देवं, कंस चाणूर मर्दनम् ।।
देवकी परमानन्दं, कृष्णं वन्दे जगद्गुरुम् ।।

---|| प्रदक्षिणा मंत्र ||---

गवां दृष्ट्वा नमस्कृत्य कुर्याच्चैव प्रदक्षिणम् ।
प्रदक्षिणीकृता तेन सप्तद्वीपा वसुन्धरा ॥१॥

सर्वभूतानां गाव: सर्वसुखप्रदाः।
वृद्धिमाकाङ्क्षता पुंसा नित्यं कार्या प्रदक्षिणा ॥२॥

---|| गोग्रास नैवेद्य-मंत्र ||---

सुरभिात्वं जगन्मातर्देवि विष्णुपदे स्थिता।
सर्वदेवमयी ग्रासं मया दत्तमिमं ग्रस।।

कब करना चाहिए गौ माता मंत्र का जाप

गौ माता मंत्र का जाप करने का कोई निश्चित समय नहीं है। आप दिन में किसी भी समय इन मंत्रों का जाप कर सकते हैं। हालांकि, कुछ विशेष समयों में आपको इन मंत्रों का जाप करने से अधिक लाभ मिलता है।

आप सुबह उठकर स्नान करने के बाद गौ माता मंत्रों का जाप कर सकते है। इस समय मन शांत होता है और मंत्रों का जाप अधिक प्रभावी होता है। आप शाम को सूर्य अस्त होने से पहले भी गौ माता मंत्रों का जाप कर सकते हो।

इसके अलावा गौ पूजा के समय गौ माता मंत्रों का जाप करना विशेष महत्व रखता है और आप किसी भी संकट या मुसीबत के समय गौ माता मंत्रों का जाप कर सकते है इस से मन को शांति मिलती है और संकट दूर होता है।

गौ माता मंत्र के महत्व

गौ माता को हिंदू धर्म में सभी जीवों की माता माना जाता है और गौ माता के मंत्रों का जाप करने से व्यक्ति को कई लाभ मिलते हैं। गौ माता के मंत्रों का जाप करने से व्यक्ति का मन शांत होता है और वह तनाव मुक्त रहता है। व्यक्ति को आत्मिक शक्ति प्राप्त होती है तथा जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होता है।

Gau Mata Mantra PDF

हमने आपके लिए सभी प्रमुख तथा प्रभावशाली गौ माता मंत्रो की PDF को तैयार किया है जिसके माध्यम से आप आसानी से गौ माता के मंत्रो का जाप कर सकते हो। आप गौ माता मंत्रो की PDF को हमारे द्वारा ले सकते है और गौ माता के मंत्रो का जाप करके गौ माता का आशीर्वाद पा सकते है।

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