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बुध कवच - Budh Kavach PDF

Kavach · · 1,171 Views

क्या आप चाहते हैं कि आपके जीवन में सभी कार्य सफल हो और आप उन्नति करे तोह इसके लिए आपको बुध कवच का पाठ करना चाहिए। बुध कवच एक विशेष स्तोत्र है जो बुध ग्रह की कृपा प्राप्त करने और उनसे जुड़े अनुकूल फल पाने के लिए जपा जाता है।

ज्योतिष के अनुसार बुध ग्रह बुद्धिमत्ता, संचार, व्यापार, और तर्क शक्ति का कारक है। बुध के अशुभ प्रभाव को कम करने और शुभ फलों की प्राप्ति के लिए बुध कवच का पाठ किया जाता है। ऐसा माना जाता है कि बुध कवच का नियमित रूप से जाप करने से भक्त की बुद्धि, वाणी, लेखन और व्यापार में वृद्धि होती है।

तो आइये इस लेख में बुध कवच के बारे में तथा इसके नियमित रूप से पाठ करने के महत्त्व और लाभ के बारे में जानते है।

बुध कवच (Budh Kavach)

---|| बुध कवचम् ||---

अस्य श्रीबुधकवचस्तोत्रमन्त्रस्य, कश्यप ऋषिः,
अनुष्टुप् छन्दः, बुधो देवता, बुधप्रीत्यर्थं जपे विनियोगः ||

---|| अथ बुध कवचम् ||---

बुधस्तु पुस्तकधरः कुङ्कुमस्य समद्युतिः
पीताम्बरधरः पातु पीतमाल्यानुलेपनः ‖१‖

कटिं च पातु मे सौम्यः शिरोदेशं बुधस्तथा
नेत्रे ज्ञानमयः पातु श्रोत्रे पातु निशाप्रियः ‖२‖

घाणं गन्धप्रियः पातु जिह्वां विद्याप्रदो मम
कण्ठं पातु विधोः पुत्रो भुजौ पुस्तकभूषणः ‖३‖

वक्षः पातु वराङ्गश्च हृदयं रोहिणीसुतः
नाभिं पातु सुराराध्यो मध्यं पातु खगेश्वरः ‖४‖

जानुनी रौहिणेयश्च पातु जङ्घ्??उखिलप्रदः
पादौ मे बोधनः पातु पातु सौम्यो??उखिलं वपुः ‖५‖

---|| अथ फलश्रुतिः ||---

एतद्धि कवचं दिव्यं सर्वपापप्रणाशनम्
सर्वरोगप्रशमनं सर्वदुःखनिवारणम् ‖६‖

आयुरारोग्यशुभदं पुत्रपौत्रप्रवर्धनम्
यः पठेच्छृणुयाद्वापि सर्वत्र विजयी भवेत् ‖७‖

|| इति श्रीब्रह्मवैवर्तपुराणे बुध कवच सम्पूर्णम् ||

यह भी देखे -

बुध कवच का जाप कैसे करें

अगर आप बुध कवच का प्रतिदिन जाप करना चाहते है तोह आइये हम आपको इसके जाप करने की सामान्य विधि बताते है।
तो सबसे पहले स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण कर लीजिये। इसके बाद एक शांत स्थान पर बैठकर बुध देवता या बुध गृह का ध्यान करे। फिर कवच का जाप करना प्रारम्भ करे।

ध्यान रखे की पूरी श्रद्धा, भक्ति और विश्वास के साथ बुध कवच का जाप करे और जाप करते वक़्त शब्दों का उच्चारण बिलकुल स्पष्ट हो। अगर आप प्रतिदिन बुध कवच का जाप नहीं कर सकते है तो आपको हर बुधवार के दिन अवश्य जाप करना चाहिए।

बुध कवच के महत्व

बुध कवच के जाप करने से भक्त का जीवन परिवर्तित हो जाता है और उसके जीवन में खुशिया आना शुरू हो जाती है। बुध कवच के जाप से भक्त का विकास होता है और वह तार्किक बनता है।

इसके जाप से वाणी में मधुरता आती है और व्यक्ति दूसरों को प्रभावित करने में सक्षम होता है। इसके अलावा इस कवच के जाप से व्यापार में वृद्धि होती है और व्यक्ति धनवान बनता हैं।

Budh Kavach PDF

आप बुध कवच का जाप नियमित रूप से आसानी से कर सको इसके लिए हमने बुध कवच की PDF को तैयार किया है। आप इस PDF को हमारे द्वारा पा सकते हो और प्रतिदिन बुध कवच का जाप कर सकते हो जिस से आपके जीवन में स्वास्थ्य लाभ, मानसिक शांति, और व्यापार में वृद्धि होगी।

Free PDF Available

बुध कवच - Budh Kavach PDF

Ram Shalaka

Spiritual Knowledge & Publications

Category: Kavach
Date: 06 Nov 2024

बुध कवच - Budh Kavach PDF

क्या आप चाहते हैं कि आपके जीवन में सभी कार्य सफल हो और आप उन्नति करे तोह इसके लिए आपको बुध कवच का पाठ करना चाहिए। बुध कवच एक विशेष स्तोत्र है जो बुध ग्रह की कृपा प्राप्त करने और उनसे जुड़े अनुकूल फल पाने के लिए जपा जाता है।

ज्योतिष के अनुसार बुध ग्रह बुद्धिमत्ता, संचार, व्यापार, और तर्क शक्ति का कारक है। बुध के अशुभ प्रभाव को कम करने और शुभ फलों की प्राप्ति के लिए बुध कवच का पाठ किया जाता है। ऐसा माना जाता है कि बुध कवच का नियमित रूप से जाप करने से भक्त की बुद्धि, वाणी, लेखन और व्यापार में वृद्धि होती है।

तो आइये इस लेख में बुध कवच के बारे में तथा इसके नियमित रूप से पाठ करने के महत्त्व और लाभ के बारे में जानते है।

बुध कवच (Budh Kavach)

---|| बुध कवचम् ||---

अस्य श्रीबुधकवचस्तोत्रमन्त्रस्य, कश्यप ऋषिः,
अनुष्टुप् छन्दः, बुधो देवता, बुधप्रीत्यर्थं जपे विनियोगः ||

---|| अथ बुध कवचम् ||---

बुधस्तु पुस्तकधरः कुङ्कुमस्य समद्युतिः
पीताम्बरधरः पातु पीतमाल्यानुलेपनः ‖१‖

कटिं च पातु मे सौम्यः शिरोदेशं बुधस्तथा
नेत्रे ज्ञानमयः पातु श्रोत्रे पातु निशाप्रियः ‖२‖

घाणं गन्धप्रियः पातु जिह्वां विद्याप्रदो मम
कण्ठं पातु विधोः पुत्रो भुजौ पुस्तकभूषणः ‖३‖

वक्षः पातु वराङ्गश्च हृदयं रोहिणीसुतः
नाभिं पातु सुराराध्यो मध्यं पातु खगेश्वरः ‖४‖

जानुनी रौहिणेयश्च पातु जङ्घ्??उखिलप्रदः
पादौ मे बोधनः पातु पातु सौम्यो??उखिलं वपुः ‖५‖

---|| अथ फलश्रुतिः ||---

एतद्धि कवचं दिव्यं सर्वपापप्रणाशनम्
सर्वरोगप्रशमनं सर्वदुःखनिवारणम् ‖६‖

आयुरारोग्यशुभदं पुत्रपौत्रप्रवर्धनम्
यः पठेच्छृणुयाद्वापि सर्वत्र विजयी भवेत् ‖७‖

|| इति श्रीब्रह्मवैवर्तपुराणे बुध कवच सम्पूर्णम् ||

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बुध कवच का जाप कैसे करें

अगर आप बुध कवच का प्रतिदिन जाप करना चाहते है तोह आइये हम आपको इसके जाप करने की सामान्य विधि बताते है।
तो सबसे पहले स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण कर लीजिये। इसके बाद एक शांत स्थान पर बैठकर बुध देवता या बुध गृह का ध्यान करे। फिर कवच का जाप करना प्रारम्भ करे।

ध्यान रखे की पूरी श्रद्धा, भक्ति और विश्वास के साथ बुध कवच का जाप करे और जाप करते वक़्त शब्दों का उच्चारण बिलकुल स्पष्ट हो। अगर आप प्रतिदिन बुध कवच का जाप नहीं कर सकते है तो आपको हर बुधवार के दिन अवश्य जाप करना चाहिए।

बुध कवच के महत्व

बुध कवच के जाप करने से भक्त का जीवन परिवर्तित हो जाता है और उसके जीवन में खुशिया आना शुरू हो जाती है। बुध कवच के जाप से भक्त का विकास होता है और वह तार्किक बनता है।

इसके जाप से वाणी में मधुरता आती है और व्यक्ति दूसरों को प्रभावित करने में सक्षम होता है। इसके अलावा इस कवच के जाप से व्यापार में वृद्धि होती है और व्यक्ति धनवान बनता हैं।

Budh Kavach PDF

आप बुध कवच का जाप नियमित रूप से आसानी से कर सको इसके लिए हमने बुध कवच की PDF को तैयार किया है। आप इस PDF को हमारे द्वारा पा सकते हो और प्रतिदिन बुध कवच का जाप कर सकते हो जिस से आपके जीवन में स्वास्थ्य लाभ, मानसिक शांति, और व्यापार में वृद्धि होगी।

Website: ramshalaka.in Spiritual PDF Document

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