Bhajan

हारा हूँ बाबा पर तुझपे भरोसा है | Hara hu baba par tujhpe bharosa hai Lyrics

Bhajan · · 653 Views

जिंदगी में कभी-कभी ऐसा वक्त आता है जब इंसान हर तरफ से थक जाता है, हर दरवाजा बंद लगता है, हर राह अंधेरी दिखती है — और तब एक ही सहारा बचता है, एक ही आवाज़ दिल से निकलती है — "हारा हूँ बाबा, पर तुझपे भरोसा है।"

यह भजन उस हर इंसान की कहानी है जो जीवन की लड़ाई में थका हुआ है, पर हिम्मत नहीं हारा। जो जानता है कि उसकी नाव डगमगा रही है, पर उसके माँझी बाबा श्याम हैं — और जब श्याम बाबा पतवार थामें, तो कोई तूफान नाव नहीं डुबो सकता।

खाटू वाले श्याम बाबा की यही तो खासियत है — वो बिन बोले समझते हैं, बिन माँगे देते हैं। भक्त की बिगड़ी बनाना उनका स्वभाव है, दुखड़े मिटाना उनकी पहचान है। इस भजन में एक सच्चे भक्त ने वो सब कह दिया जो शायद हम सब के दिल में कभी न कभी उठता है — अपनी गलतियों का अहसास, परिवार की चिंता, और बाबा पर अटूट भरोसा।

यह भजन सिर्फ सुनने के लिए नहीं — यह महसूस करने के लिए है। आइए, इन शब्दों में डूबें और बाबा श्याम के उस अनंत प्रेम को अपने दिल में उतारें जो हर हारे हुए को जिताने की ताकत रखता है —

हारा हूँ बाबा पर तुझपे भरोसा है | Hara hu baba par tujhpe bharosa hai Lyrics

हारा हूँ बाबा पर तुझपे भरोसा है,

जीतूगा एक दिन मेरा दिल ये कहता है,

मेरे माजी बन जाओ मेरी नाव चला जाओ,

बेटे को बाबा श्याम गले लगा जाओं,

हारा हूँ बाबा पर तुझपे भरोसा है,

मैंने सुना है तू दुखड़े मिटाता बिन बोले भक्तो की बिगड़ी बनता,

मिलता न किनारा है ना कोई और साहरा है,

हारा हूँ बाबा पर तुझपे भरोसा है,

तुमसे ही जीवन मेरा ओ मेरे बाबा कैसे चलेगा समज ना आता

तुम धीर बांधते हो तो सांसे चलती है मुझे समज न आता है मेरी क्या गलती है,

हारा हूँ बाबा पर तुझपे भरोसा है,

परिवार मेरा तेरे गन है गता दोषी तो मैं हु उन्हें क्यों सताता,

उनको भी भरोसा है तूने पाला पोसा है,

हारा हूँ बाबा पर तुझपे भरोसा है

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हारा हूँ बाबा पर तुझपे भरोसा है | Hara hu baba par tujhpe bharosa hai Lyrics

Ram Shalaka

Spiritual Knowledge & Publications

Category: Bhajan
Date: 10 Mar 2026

हारा हूँ बाबा पर तुझपे भरोसा है | Hara hu baba par tujhpe bharosa hai Lyrics

जिंदगी में कभी-कभी ऐसा वक्त आता है जब इंसान हर तरफ से थक जाता है, हर दरवाजा बंद लगता है, हर राह अंधेरी दिखती है — और तब एक ही सहारा बचता है, एक ही आवाज़ दिल से निकलती है — "हारा हूँ बाबा, पर तुझपे भरोसा है।"

यह भजन उस हर इंसान की कहानी है जो जीवन की लड़ाई में थका हुआ है, पर हिम्मत नहीं हारा। जो जानता है कि उसकी नाव डगमगा रही है, पर उसके माँझी बाबा श्याम हैं — और जब श्याम बाबा पतवार थामें, तो कोई तूफान नाव नहीं डुबो सकता।

खाटू वाले श्याम बाबा की यही तो खासियत है — वो बिन बोले समझते हैं, बिन माँगे देते हैं। भक्त की बिगड़ी बनाना उनका स्वभाव है, दुखड़े मिटाना उनकी पहचान है। इस भजन में एक सच्चे भक्त ने वो सब कह दिया जो शायद हम सब के दिल में कभी न कभी उठता है — अपनी गलतियों का अहसास, परिवार की चिंता, और बाबा पर अटूट भरोसा।

यह भजन सिर्फ सुनने के लिए नहीं — यह महसूस करने के लिए है। आइए, इन शब्दों में डूबें और बाबा श्याम के उस अनंत प्रेम को अपने दिल में उतारें जो हर हारे हुए को जिताने की ताकत रखता है —

हारा हूँ बाबा पर तुझपे भरोसा है | Hara hu baba par tujhpe bharosa hai Lyrics

हारा हूँ बाबा पर तुझपे भरोसा है,

जीतूगा एक दिन मेरा दिल ये कहता है,

मेरे माजी बन जाओ मेरी नाव चला जाओ,

बेटे को बाबा श्याम गले लगा जाओं,

हारा हूँ बाबा पर तुझपे भरोसा है,

मैंने सुना है तू दुखड़े मिटाता बिन बोले भक्तो की बिगड़ी बनता,

मिलता न किनारा है ना कोई और साहरा है,

हारा हूँ बाबा पर तुझपे भरोसा है,

तुमसे ही जीवन मेरा ओ मेरे बाबा कैसे चलेगा समज ना आता

तुम धीर बांधते हो तो सांसे चलती है मुझे समज न आता है मेरी क्या गलती है,

हारा हूँ बाबा पर तुझपे भरोसा है,

परिवार मेरा तेरे गन है गता दोषी तो मैं हु उन्हें क्यों सताता,

उनको भी भरोसा है तूने पाला पोसा है,

हारा हूँ बाबा पर तुझपे भरोसा है

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