Bhajan

कीर्तन की है रात बाबा आज ठाणे आणो है | kirtan ki hai raat baba aaj thane aano hai lyrics

Bhajan · · 643 Views

भक्ति की कोई भाषा नहीं होती, प्रेम की कोई सीमा नहीं होती — और जब दिल सच्चा हो, तो पुकार सीधे खाटू के दरबार तक पहुँचती है। "कीर्तन की है रात बाबा आज ठाणे आणो है" — यह केवल एक भजन नहीं, यह एक सच्चे सेवक की वो विनती है जो अपने बाबा सावरिया को कीर्तन की रात अपने पास बुलाना चाहता है।

खाटू श्याम बाबा — जिन्हें "हारे का सहारा" कहा जाता है — उनके दरबार में जो एक बार सच्चे मन से पहुँच जाए, वो कभी खाली नहीं लौटता। और जब कीर्तन की रात हो, भजन का माहौल हो, प्रेम की धुन छिड़ी हो — तो भला सावरिया बाबा अपने भक्त की पुकार को अनसुना कैसे कर सकते हैं?

इस भजन में नंदू जी महाराज ने उस अटूट भक्त-भाव को आवाज़ दी है जो कहता है — "थारे कोल निभानु हे" — यानी बाबा, आपके साथ ही निभानी है, आपसे ही नाता है, आपसे ही सब कुछ है। नादानी हो, गलती हो, पर यह दास पुराना है — और पुराने दासों को बाबा कभी नहीं भूलते।

आइए, इस मनमोहक भजन में डूबें, हर शब्द में छुपी भक्ति को महसूस करें और बाबा सावरिया के उस प्यारे दरबार में मन को टिकाएं —

कीर्तन की है रात बाबा आज ठाणे आणो है | kirtan ki hai raat baba aaj thane aano hai lyrics

🙏 Mukhda (मुखड़ा)

कीर्तन की है रात बाबा आज ठाणे आणो है


🎵 Antara 1 (अंतरा १)

थारे कोल निभानु हे दरबार सावरिया, ऐसो सजो प्यारो, दयालु आप को सेवा में सावरिया, सगला खड़ा डिगे, हुकम बस आप को सेवा में

थारी म्हणे आज बिछ जणू हे, थारे कोल निभानु हे

कीर्तन की है रात...


🎵 Antara 2 (अंतरा २)

कीर्तन की है तैयारी, कीर्तन करा जमकर, प्रभु क्यु देर करो

वादों थारो दाता, कीर्तन में आने को, घणी मत देर करो

भजनासु ठाणे म्हणे आज रिझाणु है, थारे कोल निभानु हे

कीर्तन की है रात...


🎵 Antara 3 (अंतरा ३)

जो कुछ बनो म्हासु, अर्पण परभू सारो, प्रभु स्वीकार करो

नादाँ सु गलती होती ही आई है, प्रभु मत ध्यान धरो

नंदू सावरिया थानों दास पुरानो है, थारे कोल निभानु हे

कीर्तन की है रात...


🙏 Samapan (समापन)

कीर्तन की है रात बाबा आज ठाणे आणो है थारे कोल निभानु हे

Free PDF Available

कीर्तन की है रात बाबा आज ठाणे आणो है | kirtan ki hai raat baba aaj thane aano hai lyrics

Ram Shalaka

Spiritual Knowledge & Publications

Category: Bhajan
Date: 10 Mar 2026

कीर्तन की है रात बाबा आज ठाणे आणो है | kirtan ki hai raat baba aaj thane aano hai lyrics

भक्ति की कोई भाषा नहीं होती, प्रेम की कोई सीमा नहीं होती — और जब दिल सच्चा हो, तो पुकार सीधे खाटू के दरबार तक पहुँचती है। "कीर्तन की है रात बाबा आज ठाणे आणो है" — यह केवल एक भजन नहीं, यह एक सच्चे सेवक की वो विनती है जो अपने बाबा सावरिया को कीर्तन की रात अपने पास बुलाना चाहता है।

खाटू श्याम बाबा — जिन्हें "हारे का सहारा" कहा जाता है — उनके दरबार में जो एक बार सच्चे मन से पहुँच जाए, वो कभी खाली नहीं लौटता। और जब कीर्तन की रात हो, भजन का माहौल हो, प्रेम की धुन छिड़ी हो — तो भला सावरिया बाबा अपने भक्त की पुकार को अनसुना कैसे कर सकते हैं?

इस भजन में नंदू जी महाराज ने उस अटूट भक्त-भाव को आवाज़ दी है जो कहता है — "थारे कोल निभानु हे" — यानी बाबा, आपके साथ ही निभानी है, आपसे ही नाता है, आपसे ही सब कुछ है। नादानी हो, गलती हो, पर यह दास पुराना है — और पुराने दासों को बाबा कभी नहीं भूलते।

आइए, इस मनमोहक भजन में डूबें, हर शब्द में छुपी भक्ति को महसूस करें और बाबा सावरिया के उस प्यारे दरबार में मन को टिकाएं —

कीर्तन की है रात बाबा आज ठाणे आणो है | kirtan ki hai raat baba aaj thane aano hai lyrics

🙏 Mukhda (मुखड़ा)

कीर्तन की है रात बाबा आज ठाणे आणो है


🎵 Antara 1 (अंतरा १)

थारे कोल निभानु हे दरबार सावरिया, ऐसो सजो प्यारो, दयालु आप को सेवा में सावरिया, सगला खड़ा डिगे, हुकम बस आप को सेवा में

थारी म्हणे आज बिछ जणू हे, थारे कोल निभानु हे

कीर्तन की है रात...


🎵 Antara 2 (अंतरा २)

कीर्तन की है तैयारी, कीर्तन करा जमकर, प्रभु क्यु देर करो

वादों थारो दाता, कीर्तन में आने को, घणी मत देर करो

भजनासु ठाणे म्हणे आज रिझाणु है, थारे कोल निभानु हे

कीर्तन की है रात...


🎵 Antara 3 (अंतरा ३)

जो कुछ बनो म्हासु, अर्पण परभू सारो, प्रभु स्वीकार करो

नादाँ सु गलती होती ही आई है, प्रभु मत ध्यान धरो

नंदू सावरिया थानों दास पुरानो है, थारे कोल निभानु हे

कीर्तन की है रात...


🙏 Samapan (समापन)

कीर्तन की है रात बाबा आज ठाणे आणो है थारे कोल निभानु हे

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