Bhajan

तू कितनी अच्ची है तू कितनी भोली है प्यारी प्यारी है | Tu kitni achhi hai tu kitni bholi hai lyrics

Bhajan · · 695 Views

कुछ गीत सिर्फ सुने नहीं जाते — वो आँखें भिगो देते हैं, दिल को छू लेते हैं और माँ की याद में पूरी दुनिया भुला देते हैं। "तू कितनी अच्छी है, तू कितनी भोली है" — यह गीत उन्हीं चुनिंदा रचनाओं में से एक है जो दशकों बाद भी उतनी ही ताज़ी, उतनी ही सच्ची और उतनी ही भावभीनी लगती है।

माँ — यह तीन अक्षर का छोटा सा शब्द अपने भीतर पूरा संसार समेटे हुए है। जब यह दुनिया काँटों का जंगल बन जाती है, तो माँ ही वह फुलवारी है जो हर घाव पर मरहम लगाती है। जब रातें अंधेरी होती हैं, तो माँ की आँखें जागती रहती हैं — हमारी नींद के लिए अपनी नींद कुर्बान करके।

महान कवि आनंद बक्शी की कलम से निकले इस अमर गीत को लता मंगेशकर की दिव्य आवाज़ ने वो ऊँचाई दी जहाँ शब्द और सुर मिलकर एक ऐसी अनुभूति बन जाते हैं जो हर बेटे और बेटी के दिल की बात कह देती है। फिल्म "राजा और रंक" में लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल के संगीत से सजा यह गीत आज भी हर उस इंसान को रुला देता है जिसने माँ का प्यार जिया है।

सच कहा है इस गीत ने —

"वो होते हैं किस्मत वाले, जिनकी माँ होती है।"

आइए, इस कालजयी गीत के हर शब्द में माँ के उस अनमोल प्रेम को महसूस करें जो न कभी माँगता है, न कभी थकता है — बस देता ही जाता है। 🙏

तू कितनी अच्ची है तू कितनी भोली है प्यारी प्यारी है | Tu kitni achhi hai tu kitni bholi hai lyrics

🙏 Mukhda (मुखड़ा)

तू कितनी अच्छी है, तू कितनी भोली है, प्यारी प्यारी है,

ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ

यह जो दुनिया है, वन है काँटों का, तू फुलवारी है,

ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ


🎵 Antara 1 (अंतरा १)

दुखन लागी हैं माँ तेरी अँखियाँ, मेरे लिए जागी है तू सारी सारी रतिया

मेरी निदिया पे अपनी निदिया भी तूने वारी है,

ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ


🎵 Antara 2 (अंतरा २)

अपना नहीं तुझे सुख दुःख कोई, मैं मुस्काया तू मुस्काई मैं रोया तू रोई

मेरे हँसने पे मेरे रोने पे तू बलिहारी है,

ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ


🎵 Antara 3 (अंतरा ३)

माँ बच्चों की जाँ होती है, वो होते हैं किस्मत वाले, जिनकी माँ होती है

कितनी सुन्दर है, कितनी शीतल है, न्यारी न्यारी है,

ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ


🙏 Samapan (समापन)

ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ 💕


🌸 जय माँ | Jai Maa 🌸

🎬 फिल्म :राजा और रंक
🎤 स्वर: लता मंगेशकर
✍️ कवि: आनंद बक्शी
🎵 संगीत : लक्ष्मीकांत प्यारेलाल
Free PDF Available

तू कितनी अच्ची है तू कितनी भोली है प्यारी प्यारी है | Tu kitni achhi hai tu kitni bholi hai lyrics

Ram Shalaka

Spiritual Knowledge & Publications

Category: Bhajan
Date: 10 Mar 2026

तू कितनी अच्ची है तू कितनी भोली है प्यारी प्यारी है | Tu kitni achhi hai tu kitni bholi hai lyrics

कुछ गीत सिर्फ सुने नहीं जाते — वो आँखें भिगो देते हैं, दिल को छू लेते हैं और माँ की याद में पूरी दुनिया भुला देते हैं। "तू कितनी अच्छी है, तू कितनी भोली है" — यह गीत उन्हीं चुनिंदा रचनाओं में से एक है जो दशकों बाद भी उतनी ही ताज़ी, उतनी ही सच्ची और उतनी ही भावभीनी लगती है।

माँ — यह तीन अक्षर का छोटा सा शब्द अपने भीतर पूरा संसार समेटे हुए है। जब यह दुनिया काँटों का जंगल बन जाती है, तो माँ ही वह फुलवारी है जो हर घाव पर मरहम लगाती है। जब रातें अंधेरी होती हैं, तो माँ की आँखें जागती रहती हैं — हमारी नींद के लिए अपनी नींद कुर्बान करके।

महान कवि आनंद बक्शी की कलम से निकले इस अमर गीत को लता मंगेशकर की दिव्य आवाज़ ने वो ऊँचाई दी जहाँ शब्द और सुर मिलकर एक ऐसी अनुभूति बन जाते हैं जो हर बेटे और बेटी के दिल की बात कह देती है। फिल्म "राजा और रंक" में लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल के संगीत से सजा यह गीत आज भी हर उस इंसान को रुला देता है जिसने माँ का प्यार जिया है।

सच कहा है इस गीत ने —

"वो होते हैं किस्मत वाले, जिनकी माँ होती है।"

आइए, इस कालजयी गीत के हर शब्द में माँ के उस अनमोल प्रेम को महसूस करें जो न कभी माँगता है, न कभी थकता है — बस देता ही जाता है। 🙏

तू कितनी अच्ची है तू कितनी भोली है प्यारी प्यारी है | Tu kitni achhi hai tu kitni bholi hai lyrics

🙏 Mukhda (मुखड़ा)

तू कितनी अच्छी है, तू कितनी भोली है, प्यारी प्यारी है,

ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ

यह जो दुनिया है, वन है काँटों का, तू फुलवारी है,

ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ


🎵 Antara 1 (अंतरा १)

दुखन लागी हैं माँ तेरी अँखियाँ, मेरे लिए जागी है तू सारी सारी रतिया

मेरी निदिया पे अपनी निदिया भी तूने वारी है,

ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ


🎵 Antara 2 (अंतरा २)

अपना नहीं तुझे सुख दुःख कोई, मैं मुस्काया तू मुस्काई मैं रोया तू रोई

मेरे हँसने पे मेरे रोने पे तू बलिहारी है,

ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ


🎵 Antara 3 (अंतरा ३)

माँ बच्चों की जाँ होती है, वो होते हैं किस्मत वाले, जिनकी माँ होती है

कितनी सुन्दर है, कितनी शीतल है, न्यारी न्यारी है,

ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ


🙏 Samapan (समापन)

ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ 💕


🌸 जय माँ | Jai Maa 🌸

🎬 फिल्म :राजा और रंक
🎤 स्वर: लता मंगेशकर
✍️ कवि: आनंद बक्शी
🎵 संगीत : लक्ष्मीकांत प्यारेलाल
Website: ramshalaka.in Spiritual PDF Document

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