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संकल्प मंत्र तथा संकल्प विधि - Sankalpa Mantra PDF

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ramshalaka
calendar_today October 28, 2024
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संकल्प मंत्र तथा संकल्प विधि - Sankalpa Mantra PDF

संकल्प मंत्र एक ऐसा मंत्र होता है जिसे किसी विशेष कार्य या लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए मंत्र जाप से पहले किया जाता है। आज के इस लेख में आपको संकल्प मंत्र तथा संकल्प विधि के बारे में जानने को मिलेगा इसके साथ ही आप यह भी जानोगे की संकल्प मंत्र के क्या क्या लाभ है।

संकल्प मंत्र मुख्य रूप से व्यक्ति के मन को एकाग्र करता है और व्यक्ति को अपने लक्ष्य के प्रति दृढ़ संकल्पवान बनाता है। संकल्प मंत्र का उद्देश्य व्यक्ति की ऊर्जा को एक केंद्रित दिशा में निर्देशित करना होता है। तो आइये बिना एक भी सेकंड गवाए संकल्प मंत्र के बारे में जानते है।

|| विस्तृत संकल्प मंत्र ||

ॐ विष्णुर्विष्णुर्विष्णुः।

श्रीमद्भगवतो महापुरुषस्य विष्णोराज्ञया प्रवर्तमानस्य

अद्यैतस्य ब्रह्मणोह्नि द्वितीये परार्धे

श्रीश्वेतवाराहकल्पे

वैवस्वतमन्वन्तरे

अष्टाविंशतितमे युगे कलियुगे

कलि प्रथमचरणे

भूर्लोके भारतवर्षे

जम्बूद्विपे भरतखण्डे

आर्यावर्तान्तर्गतब्रह्मावर्तस्य भारत क्षेत्रे

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र मण्डलान्तरगते

नई दिल्ली नाम्निनगरे (ग्रामे वा)

श्रीगड़्गायाः ............ (उत्तरे/दक्षिणे) दिग्भागे

देवब्राह्मणानां सन्निधौ

श्रीमन्नृपतिवीरविक्रमादित्यसमयतः ............ (1) संख्या-परिमिते प्रवर्त्तमानसंवत्सरे

प्रभवादिषष्ठि-संवत्सराणां मध्ये कालयुक्त नामसंवत्सरे,

दक्षिणायण अयने,

शरद ऋतौ,

कार्तिक मासे,

शुक्ल पक्ष पक्षे,

प्रतिपदा तिथौ,

मंगलवार वासरे,

स्वाती नक्षत्रे,

विष्कम्भ योगे,

किंस्तुघ्न करणे,

तुला राशिस्थिते चन्द्रे,

तुला राशिस्थितेश्रीसूर्ये,

कर्क राशिस्थिते देवगुरौ

शेषेशु ग्रहेषु यथायथा राशिस्थानस्थितेषु सत्सु

एवं ग्रहगुणविशेषणविशिष्टायां शुभपुण्यतिथौ

............ (2) गोत्रोत्पन्नस्य

............ (3) शर्मणः (वर्मणः, गुप्तस्य वा)

सपरिवारस्य ममात्मनः

अहं ............ (4)

श्रुति-स्मृति-पुराणोक्त-पुण्य-फलप्राप्त्यर्थं

मम सकुटुम्बस्य सपरिवारस्य

क्षेमस्थैर्यायुरारोग्यैश्वर्याभिवृद्ध्यर्थम्

आधिभौतिकाधि-दैविकाध्यात्मिकत्रिविधतापशमनार्थं

धर्मार्थकाममोक्षफलप्राप्त्यर्थं

नित्यकल्याणलाभाय

भगवत्प्रीत्यर्थं

............ (5) देवस्य

पूजनं करिष्ये।


भरने योग्य विवरण

(1) विक्रम संवत् संख्या (उदाहरण: २०८१)

(2) गोत्र का नाम (उदाहरण: काश्यप, भारद्वाज, वशिष्ठ आदि)

(3) नाम (उदाहरण: रामशर्मा, कृष्णवर्मा, अर्जुनगुप्त)

(4) पुनः अपना नाम

(5) देवता का नाम (उदाहरण: श्रीगणेश, श्रीविष्णु, माँ दुर्गा आदि)


विशेष निर्देश

स्थान परिवर्तन: यदि आप दिल्ली से भिन्न स्थान पर हैं, तो "नई दिल्ली" के स्थान पर अपना नगर/ग्राम का नाम भरें।

दिशा: गंगा नदी के उत्तर में हैं तो "उत्तरे", दक्षिण में हैं तो "दक्षिणे" लिखें।

तिथि, नक्षत्र आदि: वर्तमान पंचांग के अनुसार सभी विवरण भरें।

संकल्प विधि

संकल्प मंत्र का जाप भक्त को शांत वातावरण में बैठ कर करना चाहिए और व्यक्ति का मन शुद्ध होना चाहिए। इसके बाद व्यक्ति का स्पष्ट उद्देश्य होना चाहिए और व्यक्ति पूर्व दिशा की ओर मुख करके किसी भी आसन में बैठकर मंत्र को 21, 54, 108 या अपनी इच्छानुसार किसी भी संख्या में जप कर सकते हैं।

संकल्प मंत्र के लाभ

संकल्प मंत्र का जाप व्यक्ति की मनोकामना पूर्ण करने में मदद करता है। इसके जाप से व्यक्ति का आत्मविश्वास बढ़ता है, मन शांत होता है, और यह मंत्र व्यक्ति को सफलता दिलाता है। अगर आप भी अपनी कोई विशेष मनोकामनाएं पूर्ण करना चाहते हो तोह आप संकल्प मंत्र का जाप कर सकते हो।

Sankalpa Mantra PDF

हमने आपके लिए संकल्प मंत्र की PDF को तैयार किया है जिसके माध्यम से आप सरलता और आसानी से संकल्प मंत्र का जाप कर सकते हो। आप इस संकल्प मंत्र PDF को हमारे द्वारा ले सकते है और और संकल्प मंत्र का जाप करके अपने जीवन की मनोकामना पूर्ण कर सकते हो।

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ramshalaka

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