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श्री क्षेत्रपाल चालीसा - Kshetrapal Chalisa PDF

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ramshalaka
calendar_today October 20, 2024
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श्री क्षेत्रपाल चालीसा - Kshetrapal Chalisa PDF

श्री क्षेत्रपाल हिंदू धर्म के महत्वपूर्ण ग्राम देवता माने जाते हैं। क्षेत्रपाल देवता भारत के विभिन्न क्षेत्रों में अलग-अलग रूपों में पूजे जाते हैं। क्षेत्रपाल शब्द का अर्थ है "क्षेत्र की रक्षा करने वाला" और क्षेत्रपाल देवता की पूजा मुख्य रूप से किसान अपने क्षेत्र की सुरक्षा और समृद्धि के लिए करते है।

आज का यह लेख श्री क्षेत्रपाल चालीसा के बारे में है। यहाँ पर आपको सम्पूर्ण क्षेत्रपाल चालीसा जानने को मिलेगी साथ ही आप यह भी जानोगे की क्षेत्रपाल देवता की पूजा के क्या-क्या लाभ है तथा पूजा कब करनी चाहिए और पूजा की विधि क्या है तो आइये बिना किसी देरी के इस लेख में आगे बढ़ते हैं।

श्री क्षेत्रपाल चालीसा (Kshetrapal Chalisa)

—॥ दोहा ॥—

भोलेनाथ को सुमरि मन, धर गणेश को ध्यान ।
श्री क्षेत्रपाल चालीसा पढू , कृपा करहूँ भगवान ।।___१

क्षेत्रपाल भैरव भजू, श्री काली के लाल ।
मुझ दास पर कृपा करो , मेरे बाबा क्षेत्रपाल ।।___२

—॥ चौपाई ॥—

जय जय श्री भैरव मतवाला । रहो दास पर सदा दयाला ।।
भैरव भीषण भीम कपाली । क्रोधवंत लोचन में लाली ।।१।।

कर त्रिशूल है कठिन कराला । गल में प्रभु मुंडन की माला ।।
कृष्ण रूप तन वर्ण विशाला । पीकर मद रहता मतवाला ।।२।।

क्षेत्रपाल भक्तन के संगी । प्रेतनाथ भूतेश भुजंगी ।।
श्री क्षेत्रपाल है नाम तुम्हारा । चक्रदंड अमरेश पियारा ।।३।।

शेखर चन्द्र कपाल विराजे । स्वान सवारी पै प्रभू राजे ।।
शिव नकुलेश चंड हो स्वामी । बैजनाथ प्रभु नमो नमामी ।।४।।

अश्वनाथ क्रोधेश बखाने । भैरव काल जगत में जाने ।।
गायत्री कहे निमिष दिगंबर । जगन्नाथ उन्नत आडम्बर ।।५।।

क्षेत्रपाल दशपाणी कहाए । मंजुल उमानंद कहलाये ।।
चक्रनाथ भक्तन हितकारी । कहे त्रयम्बकं सब नर नारी ।।६।।

संहारक सुनन्द सब नामा । करहु भक्त के पूरण कमा ।।
क्षेत्रपाल शमशान के वासी । व्यालपवित हाथ यम फाँसी ।।७।।

कृत्यायु सुन्दर आनंदा । भक्तन जन के काटहु फन्दा ।।
कारण लम्ब आप भय भंजन । नमो नाथ जय जनमन रंजन ।।८।।

हो तुम मेष त्रिलोचन नाथा । भक्त चरण में नावत माथा ।।
तुम असितांग रूद्र के लाला । महाकाल कालो के काला ।।९।।

ताप विमोचन अरिदल नासा । भाल चन्द्रमा करहि प्रकाशा ।।
श्वेत काल अरु लाल शरीरा । मस्तक मुकुट शीश पर चीरा ।।१०।।

काली के लाला बलधारी । कहं लगी शोभा कहहु तुम्हारी ।।
शंकर के अवतार कृपाला । रहो चकाचक पी मद प्याला ।।११।।

काशी के कुतवाल कहाओ । क्षेत्रपाल चेटक दिखलाओ ।।
रवि के दिन जन भोग लगावे । धुप दीप नवेद चढ़ावे ।।१२।।

दर्शन कर के भक्त सिहावे । तब शुरा की धार पियावे ।।
मठ में सुन्दर लटकत झाबा । सिद्ध काज करो भैरव बाबा ।।१३।।

नाथ आप का यश नहीं थोडा । कर में शुभग शुशोभित कोड़ा ।।
कटि घुंघरा सुरीले बाजत । कंचन के सिंघासन राजत ।।१४।।

नर नारी सब तुमको ध्यावे । मन वांछित इच्छा फल पावे ।।
भोपा है आप के पुजारी । करे आरती सेवा भारी ।।१५।।

बाबा भात आप का गाऊं । बार बार पद शीश नवाऊ ।।
ऐलादी को दुःख निवारयौ । सदा कृपा करि काज सम्हारयो ।।१६।।

जो नर(नारी) मन से ध्यान लगावे ।
दुःख दारिद्र निकट नहीं आवे ।।१७।।

लूले लँगड़े पैर चलावे । नेत्रहीन ज्योति को पावे ।।
नीसंतान संतान को पावे । जात जडूला कर भोग लगावे ।।१८।।

कौड़ी नर भी काया पावे । वाय, मिर्गी जड़ से मिटावे ।।
काया के सव रोग मिटावे । धाम डाबरा जो कोई आवे ।।१९।।

भूत , जिन्न तो यूही भग जावे । सांकड़ की जब मार लगावे ।।
दृढ़ विशवास कर क्षेत्रपाल के आवे ।मृत प्राणी भी जीवित हो जावे ।।२०।।

तुमरो दास जहाँ भी होई । ता पर संकट परे न कोई ।।
तुम बिन अव ना कोई मेरो । संकट हरण हरउ दुःख मेरो ।।२१।।

—॥ दोहा ॥—

जय जय श्री भैरव मतवाडा, स्वामी संकट टार ।
कृपा दास पर कीजिये शंकर के अवतार ।।___१

श्री क्षेत्रपाल चालीसा पढे , प्रेम सहित शतवार ।
उस घर सर्वानन्द हो , वैभव बढे अपार ।।___२

क्षेत्रपाल चालीसा समाप्त।।

श्री क्षेत्रपाल चालीसा के लाभ

श्री क्षेत्रपाल देवता की पूजा विशेष रूप से गुजरात, राजस्थान और उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में की जाती है। उन्हें क्षेत्र के संरक्षक देवता के रूप में पूजा जाता है।

श्री क्षेत्रपाल चालीसा के पाठ के कई लाभ है। चालीसा के पाठ से भक्त को शत्रुओं से सुरक्षा मिलती है और घर-परिवार सुरक्षित रहता है, भक्त की सभी मनोकामना पूर्ण होती है, भक्त के जीवन में सुख, समृद्धि तथा शांति बनी रहती है।

श्री क्षेत्रपाल चालीसा का पाठ कब करनी चाहिए

भक्त क्षेत्रपाल चालीसा का पाठ किसी भी शुभ मुहूर्त में या प्रतिदिन प्रात काल कर सकता है। इसके अलावा कुछ विशेष अवसर है जहां पर क्षेत्रपाल चालीसा का पाठ करने से जीवन में सुख, समृद्धि, सुरक्षा तथा शांति बनी रहती हैं।

वह अवसर नवरात्रि, ग्राम देवता पूजा, दशहरा, और माघी हैं। आप श्री क्षेत्रपाल चालीसा का पाठ नए घर में प्रवेश करने से पहले भी कर सकते है इससे आपके घर में क्षेत्रपाल भगवन की कृपा बनी रहेगी।

Kshetrapal Chalisa PDF

अगर आप क्षेत्रपाल भगवान में आस्था रखते हैं और चालीसा का पाठ करने के लिए एक बेहतरीन PDF की तलाश कर रहे हैं तो हमने आपके लिए चालीसा की पीडीएफ को तैयार किया है। इसके माध्यम से आप सभी शुभ अवसरों में चालीसा का पाठ आसानी से कर सकते हैं और क्षेत्रपाल भगवान की कृपा से अपने जीवन में सुखद बदलाव तथा सुरक्षा ला सकते हैं।

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