माँ गौरी को माता पार्वती के रूप के पूजा जाता हैं। माता गौरी को शक्ति के प्रतीक के रूप में भी पूजा जाता हैं। वह भक्त जो माता गौरी के प्रति अपने प्रेमभाव और भक्ति को व्यक्त करना चाहते हैं वे उनकी स्तुति का पाठ कर सकते हैं। जिस प्रकार प्रार्थना के माध्यम से भगवान को याद किया जाता है ठीक उसी प्रकार स्तुति के माध्यम से भगवान को याद किया जाता है।

मां गौरी स्तुति का पाठ आप हर रोज कर सकते हैं लेकिन अगर आप सोमवार को, नवरात्री और मंगला गोरी व्रत के दिन करते हैं तो इससे आपको अधिक लाभ मिलेगा।

मां गौरी स्तुति (Gauri Stuti)

जय जय गिरिराज किसोरी। (१)
जय महेस मुख चंद चकोरी॥ (२)

जय गजबदन षडानन माता। (३)
जगत जननि दामिनी दुति गाता॥ (४)

देवी पूजि पद कमल तुम्हारे। (५)
सुर नर मुनि सब होहिं सुखारे॥ (६)

मोर मनोरथ जानहु नीकें। (७)
बसहु सदा उर पुर सबही के॥ (८)

कीन्हेऊं प्रगट न कारन तेहिं। (९)
अस कहि चरन गहे बैदेहीं॥ (१०)

बिनय प्रेम बस भई भवानी। (११)
खसी माल मुरति मुसुकानि॥ (१२)

सादर सियं प्रसादु सर धरेऊ। (१३)
बोली गौरी हरषु हियं भरेऊ॥ (१४)

सुनु सिय सत्य असीस हमारी। (१५)
पूजिहि मन कामना तुम्हारी॥ (१६)

नारद बचन सदा सूचि साचा। (१७)
सो बरु मिलिहि जाहिं मनु राचा॥ (१८)

मनु जाहिं राचेउ मिलिहि सो बरु सहज सुंदर सांवरो। (१९)
करुना निधान सुजान सीलु सनेहु जानत रावरो॥ (२०)

🎧 Unlimited Access पाएं

मात्र ₹49 में सुनिए unlimited podcast, ebooks

और जानिए hindu dharma के बारे में विस्तार से

✓ Unlimited Podcasts ✓ Premium Ebooks ✓ Ad-free Experience

एही भांती गौरी असीस सुनी सिय सहित हियं हरषीं अली। (२१)
तुलसी भवानिहि पूजि पुनि पुनि मुदित मन मंदिर चली॥ (२२)

गौरी स्तुति के लाभ

Maa Gauri Stuti PDF

अगर आप Maa Gauri Stuti PDF प्राप्त करना चाहते हैं तो हमारे द्वारा प्राप्त कर सकते हैं। ताकि आप बिना किसी परेशानी के और आसानी से पाठ कर सके। इसके लिए बस आपको निचे दिए गए डाउनलोड बटन पर क्लिक करना हैं। इस pdf में आपको हर पंक्ति के साथ उनके हिंदी अनुवाद भी मिलेगें।