यह भजन "राम कहानी सुनो रे राम कहानी" हिंदू धर्म के सबसे भावुक और लोकप्रिय भजनों में से एक है। यह केवल एक गीत नहीं, बल्कि रामायण का एक संक्षिप्त और मार्मिक वर्णन है।
राम कहानी सुनो रे राम कहानी Lyrics
[मुखड़ा] राम कहानी सुनो रे राम कहानी । कहत सुनत आवे आँखों में पानी ॥ श्री राम, जय राम, जय-जय राम ।
[अंतरा १] दशरथ के राज दुलारे, कौशल्या की आँख के तारे । वे सूर्य वंश के सूरज, वे रघुकुल के उज्जयारे । राजीव नयन बोलें, मधुभरी वाणी ॥
राम कहानी सुनो रे राम कहानी...
[अंतरा २] शिव धनुष भंग प्रभु करके, ले आए सीता वर के । घर त्याग भये वनवासी, पित की आज्ञा सर धर के । लखन सिया ले संग, छोड़ी रजधानी ॥
राम कहानी सुनो रे राम कहानी...
[अंतरा ३] खल भेष भिक्षु धर के, भिक्षा का आग्रह करके । उस जनक सुता सीता को, छल बल से ले गया हर के । बड़ा दुःख पावे, राजा राम जी की रानी ॥
राम कहानी सुनो रे राम कहानी...
[अंतरा ४] श्री राम ने मोहे पठायो, मैं राम दूत बन आयो । सीता माँ की सेवा में, रघुवर को संदेसा लायो । और संग लायो, प्रभु मुद्रिका निसानी ॥
[समापन] राम कहानी सुनो रे राम कहानी । कहत सुनत आवे आँखों में पानी । श्री राम, जय राम, जय-जय राम ॥
भजन कब गाया जाता है? (Occasions)
यह भजन भगवान राम और उनके परिवार के त्याग और संघर्ष को दर्शाता है, इसलिए इसे विशेष अवसरों पर गाया जाता है:
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राम नवमी (Ram Navami): भगवान राम के जन्मोत्सव पर।
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दशहरा और दिवाली: रामायण से जुड़े इन प्रमुख त्योहारों पर।
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अखंड रामायण या सुंदरकांड पाठ: पाठ के समापन पर या बीच में विश्राम के समय।
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सत्संग और कीर्तन: मंदिरों या घरों में होने वाले साप्ताहिक कीर्तनों में।
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भावपूर्ण क्षणों में: जब भक्त भगवान के विरह या उनके कष्टों को याद करके भावुक महसूस करते हैं।
भजन कैसे गाया जाता है? (Singing Style)
इस भजन को गाने का तरीका अन्य आरतियों या गीतों से थोड़ा अलग होता है:
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करुण रस (Emotional Tone): यह भजन बहुत ही धीमी गति (Slow Tempo) और भावुक स्वर में गाया जाता है। इसमें जोश नहीं, बल्कि 'करुणा' और 'भक्ति' होती है।
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कथा वाचन शैली (Storytelling Style): इसे लव-कुश (राम के पुत्रों) की शैली में गाया जाता है, जैसे वे पूरी सभा को एक कहानी सुना रहे हों।
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वाद्य यंत्र (Instruments): इसमें आमतौर पर ढोलक, हारमोनियम और मंजीरा का प्रयोग होता है, लेकिन संगीत बहुत हल्का रखा जाता है ताकि शब्दों (Lyrics) पर ज्यादा ध्यान रहे।
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भाव: गाते समय आँखों में पानी (आँसू) और मन में वैराग्य का भाव होना चाहिए, जैसा कि इसकी पहली पंक्ति ही कहती है— "कहत सुनत आवे आँखों में पानी"।
भजन को गाने/सुनने के फायदे (Benefits)
आध्यात्मिक और मानसिक रूप से इसके कई लाभ हैं:
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रामायण का सार (Summary of Ramayana): जो लोग पूरी रामायण नहीं पढ़ सकते, वे इस भजन के जरिए राम, सीता और लक्ष्मण के जीवन के मुख्य संघर्षों को जान सकते हैं।
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हृदय की शुद्धि (Purification of Heart): इसके बोल इतने मार्मिक हैं कि यह पत्थर दिल को भी पिघला देते हैं। यह अहंकार को मिटाकर विनम्रता लाता है।
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संस्कारों का निर्माण: यह भजन बच्चों और युवाओं को माता-पिता की आज्ञा (राम), भाई का प्रेम (लक्ष्मण-भरत) और पति-पत्नी के त्याग (राम-सीता) की सीख देता है।
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मानसिक शांति: इसे सुनने से मन शांत होता है और भक्ति भाव जागृत होता है, जिससे तनाव (Stress) कम होता है।
Written By
Ramshalaka
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